5 अक्तूबर 1974 को पहली बार किसी इंसान ने दुनिया का पैदल चक्कर लगाने का काम पूरा किया. अमेरिकी नागरिक डेव कुन्स्ट ने पैदल चलकर पूरे विश्व का चक्कर लगाने का पहला कारनामा किया था. उसने 4 साल पहले अपनी यात्रा शुरू की थी. 20 जून, 1970 को वह अपने गृहनगर वासेका, मिनेसोटा से निकला था. उसने चार महाद्वीपों के भूभाग को पार करते हुए 14,500 मील की यात्रा की. इस दौरान उसके 21 जोड़े जूते लगे.
अपनी यात्रा खत्म होने पर डेव ने अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा शुरू होने की वजह के बारे में बात की. उसने कहा कि मैं वासेका से थक गया था. अपनी नौकरी से थक गया था. उन छोटे लोगों से थक गया था जो सोचना नहीं चाहते थे और अपनी पत्नी से भी थक गया था. इस लंबी यात्रा के दौरान, उन्होंने प्रायोजकों की मदद ली और यूनिसेफ के लिए धन जुटाने में भी योगदान दिया.
उनके साथ उनके भाई जॉन भी थे, लेकिन 1972 में अफगानिस्तान में डाकुओं ने जॉन कुन्स्ट की गोली मारकर हत्या कर दी. इसमें डेव भी घायल हो गए थे. फिर स्वास्थ्य लाभ के लिए वह मिनेसोटा लौट आए. ठीक होने के बाद, कुन्स्ट अफगानिस्तान वापस गए और अपने दूसरे भाई पीटर के साथ अपनी वैश्विक यात्रा जारी रखी. बाद में स्वास्थ्य कारणों से पीटर को यात्रा छोड़नी पड़ी और डेव कुन्स्ट ने अकेले ही अपनी यात्रा पूरी की और 5 अक्टूबर, 1974 को वासेका लौट आए.
लगभग सौ साल पहले अमेरिकी जॉर्ज शिलिंग ने विश्व भ्रमण का दावा किया था. लेकिन उनकी इस उपलब्धि की कभी पुष्टि नहीं हुई. एक अन्य अमेरिकी, आर्थर ब्लेसिट, सबसे अधिक दूरी पैदल चलने और सबसे अधिक देशों का दौरा करने का रिकॉर्ड रखते हैं. हालांकि उनका मकसद सिर्फ रिकॉर्ड-पुस्तक में नाम दर्ज कराना नहीं था. 1969 से, ब्लेसिट ने 34,500 मील से अधिक की दूरी पैदल तय की है. छह महाद्वीपों के सैकड़ों देशों का दौरा किया है और इस दौरान वे 12 फुट का फोल्डेबल क्रॉस लेकर ईसाई धर्म का प्रचार करते रहे.
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