जब भी घर बनाने की बात आती है तो भारत में सबसे पहले ईंट, सीमेंट और सरिया का ख्याल आता है. लेकिन अमेरिका और चीन में घर बनाने का तरीका इससे काफी अलग है. खास बात यह है कि दोनों देशों में ईंटों से घर बनाना आम तरीका नहीं है, लेकिन इसके पीछे दोनों जगह की जरूरतें और निर्माण शैली अलग हैं.
अमेरिका में आपको बड़ी संख्या में ऐसे घर देखने को मिलेंगे, जिनकी दीवारों का ढांचा लकड़ी से बना होता है और अंदर ड्राईवॉल लगाई जाती है. वहीं चीन के शहरों में ज्यादातर लोग RCC यानी रीइंफोर्स्ड कंक्रीट से बनी बहुमंजिला इमारतों और अपार्टमेंट में रहते हैं. यानी एक तरफ लकड़ी का फ्रेम वाला घर और दूसरी तरफ कंक्रीट-स्टील का मजबूत ढांचा.
दोनों ही जगह घर बनाने के तरीकों में अंतर है. फिर भी दोनों जगह एक समानता ये है कि अमेरिका और चीन में घर या बिल्डिंग बनाने में ईंट का इस्तेमाल नहीं होता है. अमेरिका में जहां लकड़ी इस्तेमाल होता है. वहीं चीन में सरिये का एक फ्रेम या स्टील वायर से दीवार का एक सांचा बनाकर उसमें एक ही बार में कंक्रीट भर दिया जाता है. यह ढांचा नींव से अच्छी तरह से जुड़ा रहता है. इस वजह से यह काफी मजबूत और टिकाऊ बना रहता है.
अमेरिका में कैसे बनते हैं लकड़ी के घर?
अमेरिका में घरों के निर्माण में सॉफ्टवुड और इंजीनियर्ड वुड का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है. घर की बाहरी और अंदरूनी दीवारों का ढांचा लकड़ी के फ्रेम से तैयार किया जाता है. इसके ऊपर अलग-अलग लेयर लगाकर दीवार पूरी की जाती है.
घर के अंदर दीवारों पर आमतौर पर ड्राईवॉल लगाई जाती है. यह ईंट की दीवार की तरह भारी नहीं होती और इसे लगाना भी अपेक्षाकृत आसान होता है. इसी वजह से घर का निर्माण तेजी से किया जा सकता है.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका में हर घर सिर्फ लकड़ी का बना होता है. घर की नींव के लिए कंक्रीट का इस्तेमाल आम है. कई घरों में बेसमेंट भी बनाया जाता है, जो कंक्रीट से तैयार होता है.
बारिश में लकड़ी खराब क्यों नहीं होती?
यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में आता है. आखिर अगर घर की दीवारों का ढांचा लकड़ी का है तो बारिश और नमी से वह खराब क्यों नहीं हो जाता?
दरअसल, आधुनिक अमेरिकी घरों में लकड़ी को सीधे बारिश के संपर्क में आने से बचाने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए जाते हैं. बाहरी दीवारों पर वॉटरप्रूफिंग मेम्ब्रेन और साइडिंग जैसी परतें लगाई जाती हैं. इसके अलावा पेंट और सीलेंट भी पानी को लकड़ी तक पहुंचने से रोकने में मदद करते हैं.
घर की छत का डिजाइन भी ऐसा रखा जाता है कि बारिश का पानी सीधे दीवारों पर न गिरे. कई घरों में छत के किनारे बाहर की तरफ निकले होते हैं, जिससे दीवारों को बारिश से कुछ अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है. नींव को भी इस तरह तैयार किया जाता है कि जमीन की नमी सीधे लकड़ी के ढांचे तक न पहुंचे.
चीन में क्यों दिखते हैं कंक्रीट के बड़े-बड़े अपार्टमेंट?
अब चीन की बात करें तो यहां खासकर बड़े शहरों में तस्वीर काफी अलग है. चीन में तेजी से शहरीकरण और घनी आबादी के कारण जमीन का इस्तेमाल ज्यादा कुशल तरीके से करना पड़ता है.
इसी वजह से बड़े शहरों में बहुमंजिला रेजिडेंशियल टावर और अपार्टमेंट सोसायटी आम हैं. इन इमारतों का ढांचा आमतौर पर रीइंफोर्स्ड कंक्रीट यानी RCC और स्टील रीबार से तैयार किया जाता है.
एक ही इमारत में सैकड़ों परिवार रह सकते हैं. ऐसे में अलग-अलग प्लॉट पर लकड़ी के बड़े-बड़े घर बनाने के बजाय ऊंची इमारतों में ज्यादा लोगों को जगह देना व्यावहारिक होता है.
अमेरिका में बड़े स्वतंत्र घर क्यों?
अमेरिका के कई इलाकों में जमीन की उपलब्धता और वहां की आवासीय योजना अलग तरह की है. इसलिए वहां सिंगल फैमिली होम यानी एक परिवार के लिए बने स्वतंत्र घर बड़ी संख्या में देखने को मिलते हैं.
इन घरों के साथ अक्सर गैराज, खुला लॉन और घर के चारों तरफ कुछ खुली जगह भी होती है. घर के अंदर तापमान नियंत्रित रखने के लिए इंसुलेशन का इस्तेमाल किया जाता है. कई घरों में सेंट्रल हीटिंग और कूलिंग सिस्टम भी होता है.
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यानी अमेरिकी घर सिर्फ लकड़ी के फ्रेम तक सीमित नहीं हैं. लकड़ी के ढांचे के साथ इंसुलेशन, ड्राईवॉल, साइडिंग, कंक्रीट फाउंडेशन और आधुनिक हीटिंग-कूलिंग सिस्टम मिलकर पूरा घर तैयार करते हैं.
100 साल चलती है लकड़ी से बने घर
अच्छी डिजाइन, सही निर्माण तकनीक और नियमित रखरखाव के साथ लकड़ी से बने घर काफी लंबे समय तक चल सकते हैं. अच्छी तरह बनाए और सही तरीके से मेंटेन किए गए अमेरिकी लकड़ी के घर 100 साल या उससे ज्यादा भी चल सकते हैं.
यानी लकड़ी का इस्तेमाल होने का मतलब यह नहीं कि घर कुछ साल में खराब हो जाएगा. असली फर्क इस बात से पड़ता है कि लकड़ी की गुणवत्ता कैसी है, घर को नमी से कितनी अच्छी तरह बचाया गया है और उसका रखरखाव कैसा किया जाता है.
दोनों ही जगह ईंटों का नहीं होता इस्तेमाल
अमेरिका और चीन की निर्माण शैली को देखकर एक बात साफ होती है कि ईंट हर देश में घर बनाने की अनिवार्य सामग्री नहीं है. अमेरिका में लकड़ी के फ्रेम और ड्राईवॉल ने पारंपरिक ईंट की जगह बड़ी भूमिका हासिल की है, जबकि चीन के बड़े शहरों में RCC और स्टील से बनी ऊंची इमारतें ज्यादा आम हैं.
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हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि दोनों देशों में ईंट का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता. ईंट या ईंट जैसी सामग्री का इस्तेमाल कुछ निर्माणों में आज भी किया जाता है. फर्क बस इतना है कि घर का मुख्य स्ट्रक्चर बनाने के लिए अमेरिका में लकड़ी और चीन के शहरी निर्माण में कंक्रीट-स्टील ज्यादा प्रमुख हैं.
यानी एक ही दुनिया में घर बनाने के दो बिल्कुल अलग अंदाज हैं—अमेरिका में लकड़ी के फ्रेम वाला घर और चीन में कंक्रीट-स्टील की ऊंची इमारत.
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