कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की हालिया बैठक में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. बैठक में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार के गठबंधन से बाहर जाने पर खेद व्यक्त किया था. उनका मानना था कि नीतीश कुमार ही शुरुआत में इस पूरे विचार को आगे बढ़ा रहे थे. हालांकि, इस मुद्दे पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में अलग राय देखने को मिली. सोनिया गांधी ने दिग्विजय सिंह की बात से असहमति जताते हुए नीतीश कुमार पर तीखा तंज कसा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह अच्छा ही हुआ कि नीतीश कुमार गठबंधन छोड़कर चले गए. सोनिया गांधी का मानना था कि नीतीश कुमार पर भरोसा नहीं किया जा सकता था. यदि वह पहले गठबंधन से बाहर नहीं होते, तो ऐन वक्त पर विपक्षी एकता को धोखा देकर पाला बदल सकते थे. ऐसे में उनका पहले ही चले जाना गठबंधन के लिए बेहतर साबित हुआ. बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भी दिग्विजय सिंह के विचारों से असहमति जताई. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पर विश्वास करना मुश्किल था. बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कांग्रेस को पहले ही आगाह किया था कि नीतीश कुमार कभी भी पाला बदल सकते हैं. नीतीश कुमार के संयोजक पद को लेकर भी पेच फंसा हुआ था, जिसके बाद उन्होंने गठबंधन से किनारा कर लिया था. अब कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि नीतीश के जाने से गठबंधन को कोई नुकसान नहीं हुआ है.