विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में स्थापना दिवस मेले से ठीक एक दिन पहले बड़ा बवाल हो गया है. मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिस सिपाहियों पर होम स्टे संचालक की बेटी से छेड़खानी का आरोप लगा है. कैंची धाम स्थापना दिवस मेले के दौरान ड्यूटी में तैनात 2 पुलिसकर्मियों पर बेटी से छेड़छाड़ और अभद्रता का गंभीर आरोप लगा है. लड़की के पिता ने दोनों पुलिस वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि लड़की अपनी बहन के साथ मंदिर से वापस लौट रही थी. इस दौरान दोनों पुलिस वाले निकट के होम स्टे में रुके थे. दोनों पुलिस कर्मी शराब पीकर धुत थे.
घटना से भड़के स्थानीय लोगों ने दोनों सिपाहियों को पकड़कर उनकी पिटाई कर दी और पुलिस चौकी तक ले जाकर घेराव कर दिया. घटना के बाद पूरे कैंचीधाम क्षेत्र में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला. मामले की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया. नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने घटना की पुष्टि करते हुए मामले को गंभीर बताया है. उन्होंने दोनों आरोपित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं व निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है.
घटना से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में गुस्सा
घटना से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में गुस्सा है.उन्होंने स्थापना दिवस से 3 दिन पहले ही पुलिस द्वारा कैंचीधाम क्षेत्र और नैनीताल जिले की सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही रोके जाने पर भी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पुलिस मनमाने तरीके से नियम लागू कर रही है.
ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग को लेकर भी लोगों में गुस्सा
उनका कहना है कि पुलिस ने स्थापना दिवस से तीन दिन पहले ही कैंची धाम क्षेत्र में कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया है. कैंची धाम क्षेत्र में 3 दिन पहले ही बैरिकेटिंग कर दी गई है और वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है. हर साल पन्द्रह जून को स्थापना दिवस मनाया जाता है पर आज तक ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.
विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से पहले हुए इस घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थापना दिवस जैसे बड़े आयोजन से ठीक पहले सामने आई इस घटना ने कैंचीधाम में पुलिस और जनता के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है. अब सभी की निगाहें जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
लीला सिंह बिष्ट