लखनऊ-नोएडा के बाद अब कानपुर और बनारस में बैठेंगे कमिश्नर, योगी कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ और नोएडा में पहले से ही पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू है. इसी तर्ज पर अब दो अन्य शहरों कानपुर और बनारस मे भी ये सिस्टम लागू किया गया है. गुरुवार को हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में कानपुर और वाराणसी में पुलिस कमिश्नर प्रणाली पर मुहर लग गई.

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शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 25 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 10:51 PM IST
  • कानपुर और बनारस में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू
  • लखनऊ-नोएडा में पहले से लागू है ये व्यवस्था

उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर और बनारस में भी पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू कर दिया है. इन दोनों शहरों में गुरुवार को पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया. यूपी कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली. कमिश्नरेट सिस्टम को लेकर डीजीपी मुख्यालय से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था. 

आपको बता दें कि लखनऊ और नोएडा में पहले से ही पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू है. इसी तर्ज पर अब दो अन्य शहरों कानपुर और बनारस मे भी ये सिस्टम लागू किया गया है. गुरुवार को हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में कानपुर और वाराणसी में पुलिस कमिश्नर प्रणाली पर मुहर लग गई.

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लखनऊ व नोएडा के बाद अब कानपुर और वाराणसी में भी पुलिस कमिश्नर बैठेंगे. एडीजी रैंक के अधिकारी को कानपुर और वाराणसी में पुलिस कमिश्नर बनाया जाएगा. वाराणसी के 18 और कानपुर के 34 थानो में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगा. आपको बता दें कि कैबिनेट की बैठक में आज कमिश्नरेट सिस्टम के अलावा कुल 21 प्रस्तावो पर मुहर लगी. 

बता दें कि लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरी सिस्टम लागू किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल कहा था कि प्रदेश में कमिश्नरी सिस्टम उन जिलों में लागू किया जाना चाहिए, जहां पर आबादी 10 लाख से ज्यादा हो. लखनऊ में 29 लाख तो नोएडा जिले की आबादी 25 लाख के करीब है.

कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद लखनऊ और नोएडा में पुलिस प्रशासन की व्यवस्था बदल गई है. अब तक हर जिले में सीनियर एसपी (एसएसपी) ही पुलिस विभाग के हेड हुआ करते थे, लेकिन अब सिस्टम बदल गया है. सीनियर स्तर के अधिकार यानी एडीजी (ADG) कमिश्नर नियुक्त किए गए.

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बताया जा रहा है कि लखनऊ और नोएडा के पुलिस कमिश्नर के तरह ही कानपुर और बनारस के कमिश्नर के पास 15 अतिरिक्त अधिकार होंगे. कानून-व्यवस्था देखने का काम जो अब तक जिलाधिकारी देखा करते थे अब यह पुलिस कमिश्नर के अधिकार क्षेत्र में आ जाएगा. इनके पास कुछ मजेस्ट्रेटियल अधिकार भी आ जाएंगे.

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