ज्ञानवापी जाकर शिवलिंग की पूजा करना चाहते थे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, परमीशन नहीं दी गई

ज्ञानवापी में शिवलिंग वाले दावे के बाद से ही संत समाज उत्साहित है. कई तो वहां जा पूजा करने की मांग भी कर रहे हैं. ऐसी ही मांग स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से भी हुई थी. प्रशासन ने उन्हें इसकी मंजूरी नहीं दी है.

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 03 जून 2022,
  • अपडेटेड 7:13 PM IST
  • कोर्ट ने शिवलिंग वाले स्थान को सील कर रखा है
  • कानून व्यवस्था को देखते हुए परमीशन नहीं

ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग वाले दावे के बाद से ही संतों में वहां जाने की होड़ शुरू हो चुकी है. लेकिन अभी क्योंकि ये मामला कोर्ट मे लंबित है और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी संवेदनशील, ऐसे में प्रशासन द्वारा किसी को भी वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही. ताजा मामला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर है जो कल ज्ञानवापी जाने की तैयारी कर रहे हैं. उनके साथ श्रीविद्यामठ से कुल 71 लोग भी जुड़ने जा रहे हैं.

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लेकिन उनके इस एक फैसले ने पुलिस महकमे को चिंता में डाल दिया है. अगर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ज्ञानवापी में पूजा करने की जिद पर अड़ जाते हैं, तो माहौल तनावपूर्ण बन सकता है. इसी वजह से अभी के लिए प्रशासन ने उनको ज्ञानवापी में पूजा करने की इजाजत नहीं दी है. जारी बयान में जोर देकर कहा गया है कि जहां पर संत समाज पूजा करने की मांग कर रहा है, उसे न्यायलय के आदेश के बाद सील किया जा चुका है. ऐसे में वहां पर पूजा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. ये भी स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर कोई प्रशासन के आदेश का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्लान की बात करें तो वे कल सुबह 8.30 बजे 71 लोगों के साथ श्रीविद्यामठ से निकलने की तैयारी कर रहे हैं. नौकारूढ होकर पहले केदारघाट से ललिताघाट पहुंचेंगे और फिर वहां से गंगाजल कलशों में भरकर शिवलिंग वाले स्थान तक जाएंगे. पूजा आरती करने के बाद 10 बजे सभी वापस भी आ जाएंगे.

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वैसे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हमेशा अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं. कुछ दिन पहले ही एक बयान में उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म में तो एक ही देवता को माना गया है, वे शिव हैं. जो शिव को नहीं जानता है, उनकी महिमा को नहीं समझता है, वो मूर्ती को फव्वारा ही करने वाला है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर ज्ञानवापी में भगवान शिव का शिवलिंग मिला है तो वहां पर पूजा-श्रंगार होना बहुत जरूरी है.
 

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