कौन हैं अहमदुल्ला शाह फैजाबादी, जिनके नाम पर बन रही अयोध्या में मस्जिद?

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की तरफ से जानकारी दी गई है कि अयोध्या में बन रही मस्जिद को एक स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखा जाएगा.

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अहमदुल्ला शाह फैजाबादी के नाम अयोध्या की मस्जिद अहमदुल्ला शाह फैजाबादी के नाम अयोध्या की मस्जिद

कुमार अभिषेक

  • अयोध्या,
  • 06 जून 2021,
  • अपडेटेड 7:44 AM IST
  • अयोध्या की मस्जिद इनको समर्पित
  • आजादी के लिए किया था संघर्ष

अयोध्या में भव्य राम मंदिर का काम शुरू हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमि पूजन के बाद से इस काम को तेज गति से किया जा रहा है. लेकिन राम मंदिर के अलावा अयोध्या में एक मस्जिद का भी निर्माण होना है. जगह पहले ही फाइनल हो गई थी, अब वहां भी जल्द काम शुरू होने जा रहा है. इस बीच खबर आई है कि अयोध्या में बनने जा रही मस्जिद को मुगल शासक बाबर को समर्पित नहीं किया जाएगा. 

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बाबर के नाम पर नहीं होगी अयोध्या में बन रही मस्जिद

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की तरफ से जानकारी दी गई है कि अयोध्या में बन रही मस्जिद को एक स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखा जाएगा. बताया गया है कि 1857 के स्वतंत्रता सेनानी अहमदुल्ला शाह फैजाबादी को इस मस्जिद के जरिए उचित सम्मान दिया जाएगा. उन्हीं के नाम पर अस्पताल,मस्जिद,म्यूजियम और कम्युनिटी किचन का काम शुरू किया जाएगा.

इस बारे में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सेक्रेटरी अतहर हुसैन ने बताया कि मस्जिद का नाम शहीद मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी के नाम पर रखा जाएगा. 5 जून के दिन हम स्वतंत्रता सेनानी अहमदुल्लाह शाह को याद करते हैं कि कैसे उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए 1857 में संघर्ष किया.

अब्दुल्लाह शाह वीरता के कारण अवध के प्रकाश स्तंभ कहे जाते हैं, इसी वजह से हम लोगों ने फैसला किया है कि धन्नीपुर में बन रहे 2 सौ बेडों वाले अस्पताल, मस्जिद, म्यूजियम और कम्युनिटी किचन को उनके नाम पर रखा जाएगा.

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कौन हैं अहमदुल्ला शाह फैजाबादी?

इस बारे में आईआईएफसी के सचिव ने विस्तार से बताया है. उनकी मानें तो इस मस्जिद में बनने जा रहे म्यूजियम के जरिए दिखाया जाएगा कि आजादी की लड़ाई में दोनों हिंदू और मुस्लिम ने कदम से कदम मिलाकर काम किया था और सभी ने अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट होकर आजादी छीनी थी.

वे बातते हैं कि मौलवी अहमदुल्लाह शाह को जीते जी अंग्रेज नहीं पकड़ पाए थे और उनको पकड़ने के लिए 50 हज़ार चांदी के सिक्के की घोषणा की थी. इसके बाद  शाहजहांपुर के राजा जगन्नाथ सिंह ने मौलवी की हत्या कर उनके सिर को अंग्रेजों के सामने प्रस्तुत किया था और इनाम के तौर पर उन्हें 50 हजार चांदी के सिक्के मिले थे.

वैसे अयोध्या में बन रही इस मस्जिद के लिए विदेशी फंडिंग का रास्ता भी साफ हो गया है. अतहर हुसैन ने आजतक से बातचीत करते हुए बताया कि अब मस्जिद ट्रस्ट को 80-G का सर्टिफिकेट मिल गया है, 80-G सर्टिफिकेट आयकर काननू का वो सेक्शन है जो विदेशों से आर्थिक सहयोग देने वाले लोगों को आयकर में छूट प्रदान करता है.

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