जेल में तकलीफ तो है, पर टेंशन नहीं: सुब्रत रॉय

सुब्रत रॉय ने लिखा है कि भगवान की दया से मैं जेल में भी तनावमुक्त हूं. रॉय ने जेल में रहते हुए तीन किताबों की सीरीज थॉट्स फ्रॉम तिहाड़ लिख रहे हैं.

Advertisement

केशव कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST

निवेशकों से जालसाजी के केस में तिहाड़ जेल में बंद सहारा ग्रुप के मालिक सुब्रत रॉय ने लिखा है कि जेल में तकलीफों और अकेलेपन के बावजूद तनावमुक्त जिंदगी जी रहे हैं. सोमवार को रिलीज हुई अपनी किताब लाइफ मंत्राज में उन्होंने यह बात साझा की है. रॉय ने लिखा है कि भगवान की दया से मैं जेल में भी तनावमुक्त हूं. रॉय ने जेल में रहते हुए तीन किताबों की सीरीज थॉट्स फ्रॉम तिहाड़ लिख रहे हैं. इस सीरीज की यह पहली किताब है.

Advertisement

तीन किताबों की सीरीज है थॉट्स फ्रॉम तिहाड़
लाइफ मंत्राज को सहारा के 39वें स्थापना दिवस पर रिलीज किया गया. किताब में रॉय ने खुद को करने के कोशिश भी की है. उन्होंने लिखा है कि मुझे कई बार ताज्जुब होता है कि आखिर मैंने ऐसा क्या गलत किया. उन्होंने अपने साथी कैदियों की जिंदगी पर भी लिखने की कोशिश की है. रॉय ने लिखा है कि जेल की कोठरी में जितनी भी सुविधा मिल जाए लेकिन वह किसी शॉक से कम नहीं है. जेल के हर की तरह मैंने भी यही सोचा कि मेरे साथ ही गलत क्यों हुआ? इस तरह की बातें लगातार दिमाग में आती हैं.

आत्मकथा नहीं है यह किताब
रॉय ने लिखा कि जेल में दुनिया से कटे आदमी की हालत कई बार अपने बाल खींचने वाले पागल की तरह हो जाती है. उनका मानना है कि सिर्फ वक्त ही है जो जख्मों पर मरहम का काम करता है. लोगों का कहना कि खुशनुमा जिंदगी तभी जी सकते हैं जब उनके पास ढेर सारा पैसा और सुविधाएं हो को गलत करार देते हुए उन्होंने लिखा कि आदमी को खुशी इन सबसे परे जाकर ही मिलती है. इस पर यकीन न करनेवालों को उन्होंने खुद से मिलने का न्योता भी दिया. उन्होंने लिखा कि वह इस तथ्य को प्रैक्टिकली प्रूव कर देंगे. रॉय ने लिखा है कि भले ही उन्होंने यह किताब में लिखी है लेकिन यह उनकी आत्मकथा नहीं है.

Advertisement

सहारा समूह की याचिका मंजूर
सहारा समूह के खिलाफ मार्केट रेग्युलेटर सेबी की (रीपेमेंट ऑफ मनी) अर्जी पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. सेबी की ओर से वकील अरविंद दातार के मुताबिक पिछले तीन महीने से निवेशकों का पैसा लौटाने को लेकर कोई डेवलपमेंट नहीं हुआ है. सहारा इस मामले को लेकर कोर्ट से अंतरिम ऑर्डर चाहता है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »