नोटबंदी के 18वें दिन ATM के बाहर उमड़ेगी भीड़, दो दिन बंद रहेंगे बैंक

दो दिनों की बैंकबंदी की वजह से लाइनों का लंबा होना तय है और ये भी तय है कि साप्ताहिक छुट्टियों की वजह से लोगों के सामने अलग से छुट्टी लेने का भी दबाव नहीं होगा.

Advertisement
लाइन लाइन

लव रघुवंशी

  • नई दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 11:33 AM IST

नोटबंदी के बाद पहली बार आज से दो दिनों के लिए बैंक बंद हैं. नोट बदलने का काम शुक्रवार से ही बंद हो चुका है. अब नए नोटों के लिए सारा जोर एटीएम पर ही होगा. लिहाजा एटीएम पर काफी भीड़ रहने की आशंका है. नोटबंदी के ऐलान के बाद आज 18वां दिन है. पिछले 17 दिनों से बैंक के बाहर और पिछले 16 दिनों से एटीएम के बाहर लोग लाइन में खड़े थे. कतार की तरह लोगों की परेशानियों का कारवां भी लंबा है. आज फिर से मुसीबतों में इजाफा तय है क्योंकि अगले 2 दिनों तक सरकारी और निजी बैंक बंद रहेंगे और ग्राहकों का सामना गेट और शटर पर लटके ताले से होगा.

Advertisement

दो दिन तक लगातार बैंक बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होगी जिनके पास नहीं हैं. खासकर छोटे शहरों और पहाड़ी राज्यों में मुसीबत ज्यादा बढ़ने वाली है जहां बैंक की सुविधा एटीएम के मुकाबले अभी भी ज्यादा आसान है. देश के कई राज्य और इलाके अभी भी ऐसे हैं जहां एटीएम की सुविधा नहीं है और अगर है भी तो फासला सैकड़ों किलोमीटर तक का है.

जहां तक एटीएम की बात है तो वहां पहले से ही कतार लंबी है. दो दिनों की की वजह से लाइनों का लंबा होना तय है और ये भी तय है कि साप्ताहिक छुट्टियों की वजह से लोगों के सामने अलग से छुट्टी लेने का भी दबाव नहीं होगा. लिहाजा हर कोई एटीएम के बाहर ही नजर आएगा. अभी भी देश के 80 फीसदी से भी कम एटीएम काम कर रहे हैं और ऐसे में मशीनों पर दबाव उनकी तकनीकि क्षमता की जमकर परीक्षा लेने वाला है. वहीं बैंककर्मियों को 2 दिनों की राहत तो जरुर मिलेगी, लेकिन आम जनता की परेशानी बढ़ने वाली है.

Advertisement

कई बैंकों में कैश ही नहीं
बैंक की बंदी पर शंका इसलिए हो रही है क्योंकि 'आज तक' की पड़ताल में ऐसे कई बैंकों का खुलासा हुआ जहां कैश है ही नहीं. शनिवार और रविवार को देश के इन बैंकों की तस्वीर में जबरदस्त बदलाव आने वाला है. 'आज तक' की पड़ताल में ऐसे देश के अलग-अलग इलाके में ऐसे कई बैंकों का पता चला, जिसमे से नकद नारायण ही गायब हैं. चाहे वो बिहार हो, झारखंड हो या फिर राजस्थान हो. वहां बैंक तो खुले पाए गए, लेकिन कैश ना होने की वजह से वो आम जनता के किसी काम नहीं आ रहे हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »