मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ के सजावटी व कोटे वाली महिलाओं वाले बयान पर विवाद बढ़ गया है. इस मुद्दे पर आजतक के शो 'दंगल' में जब कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कैबिनेट मंत्री निर्मला सीतारमण और सुषमा स्वराज को मोदी सरकार में सजावटी मंत्री करार दिया.
गौरतलब है कि कांग्रेस की तरफ से कम महिला प्रत्याशियों को टिकट देने के बारे में जब कमलनाथ से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमने उन सभी महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है जो चुनाव जीत सकती हैं. केवल कोटा और सजावट के लिए हमने इस रास्ते को नहीं चुना. कमलनाथ के इस बयान से बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का मौका मिल गया है. पार्टी ने इसे कांग्रेस की महिलाओं के प्रति खराब सोच का उदाहरण बताया है.
राजस्थान का सियासी रण काफी दिलचस्प हो गया है. एक तरफ सत्ताधारी बीजेपी, पार्टी में बगावत से जूझ रही है, तो वहीं विपक्षी दल कांग्रेस में भी पिछले पांच दिनों से उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर कश्मकश जारी है. भले ही कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी न की हो लेकिन बुधवार को इस बात का ऐलान हो गया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे.
दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचे सिख दंगों के दोषियों पर कोर्ट परिसर में हमला हुआ है. हमले के वक्त पुलिस भी वहां मौजूद थी. जानकारी के मुताबिक कोर्ट परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने दोषियों पर कोर्ट रूम से निकलते वक्त हमला किया.
पुणे के रहने वाले दिनेश कुकरेजा सिम स्वैप फ्रॉड के शिकार हुए हैं. इससे पहले इसी तरह के एक फ्रॉड में दिल्ली के एक शख्स ने 13 लाख रुपये गंवाए थे. सिम स्वैप फ्रॉड के जरिए हैकर्स बैंक अकाउंट से लिक्ड सिम ऐक्सेस करके पैसे उड़ाते हैं. HT की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुणे के दिनेश कुकरेजा के पास एक कॉल आई और कहा गया कि ये एयरटेल की तरफ से है. कॉलर ने सिम की जानकारी मांगी और ऐसा न करने पर सिम बंद डिऐक्टिवेट होने की बात कही. कुकरेजा ने सिम कार्ड की डीटेल्स शेयर कर दी जो बैंक अकाउंट से जुड़ा था.
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को छींटाकशी नहीं करने की नसीहत से भारतीय कप्तान विराट कोहली को भी अच्छा महसूस हो रहा है और उन्हें खुशी है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में एक-दूसरे पर फब्तियां कसने के कारण होने वाले विवाद नहीं होंगे. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर आमूलचूल बदलाव के दौर से गुजर रहे थे और पूर्व के क्रिकेटरों की किसी भी कीमत पर जीत दर्ज करने की नीति को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है.
अजीत तिवारी