जम्मू-कश्मीर की राजनीति ने बुधवार की शाम एकदम करवट ली. पीडीपी की अगुवाई में बुधवार को कुछ पार्टियों ने सरकार बनाने का न्योता भेजा तो राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कुछ ही मिनटों बाद राज्य की विधानसभा ही भंग कर दी. राज्यपाल के इस फैसले की कई पार्टियां आलोचना कर रही हैं.
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आजतक से खास बात करते हुए भी राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इस फैसले के पीछे के कारण भी बताए. उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका थी कि सरकार बनाने के लिए खरीद-फरोख्त हो सकती है, इसलिए उन्हें ये फैसला लेना पड़ा. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें महबूबा मुफ्ती या सज्जाद लोन की ओर से कोई खत नहीं मिला.
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उत्तर प्रदेश में एक बार फिर रेल हादसा हुआ है. बुधवार देर रात मुरादाबाद-बरेली के बीच खाली ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए. ट्रेन का इंजन और 6 खाली डिब्बे बेपटरी हो गए. जिसके कारण कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं. इसके अलावा कुछ ट्रेनों को रद्द भी कर दिया गया है.
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जम्मू- कश्मीर विधानसभा भंग हो गई है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती गठबंधन सरकार का दावा पेश करने वाली थीं, लेकिन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने धारा 53 का हवाला देते हुए विधानसभा भंग कर दी. बुधवार को ही एक खबर यह भी आई कि 'तीसरा मोर्चा' बन सकता है जिसमें पीपल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन और पीडीपी के वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन बेग एक साथ आएंगे और बीजेपी को समर्थन देंगे लेकिन उन कोशिशों पर भी विराम लग गया.
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जम्मू-कश्मीर में बुधवार को बेहद नाटकीय सियासी घटनाक्रम देखने को मिला. दरअसल पीडीपी, कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन से सरकार बनाने संबंधी पत्र को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राजभवन को फैक्स से भेजने की कोशिश की. लेकिन 2 घंटे के प्रयास के बाद भी सफल नहीं हो पाईं. इसके बाद उन्होंने अपनी चिट्ठी पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की और फिर राजभवन को ई-मेल के जरिए पत्र भेजा. इस बीच राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग कर दी. इसी के साथ एक फैक्स के अटक जाने से घाटी में सरकार बनाने की संभावना भी खत्म हो गई.
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अंडमान निकोबार के सेंटिनल द्वीप पर अमेरिकी नागरिक जॉन एलन चाऊ की संरक्षित सेंटेनलीज आदिवासियों द्वारा कथित हत्या की परतें अब खुलने लगी हैं. मामले की जांच कर रही सीआईडी के एसपी दीपक यादव ने इंडिया टुडे से खास बातचीत में बताया है कि किस तरह संरक्षित सेंटेनलीज आदिवासियों तक पहुंचने की जिद में चाऊ को अपनी जान गंवानी पड़ी.
अजीत तिवारी