चित्रकूट के लिटमस टेस्ट में फेल हुई शिवराज सरकार, योगी परिक्रमा भी काम न आई

चित्रकूट में मिली हार शिवराज सरकार के लिए खतरे की घंटी है. 2018 में मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चित्रकूट उपचुनाव को लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा था. इस उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की रिकॉर्ड 14135 वोटों से जीत भाजपा के लिए चिंता का सबब बन सकती है. 

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (फाइल फोटो) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (फाइल फोटो)

राहुल विश्वकर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 12 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:48 AM IST

चित्रकूट में मिली हार शिवराज सरकार के लिए खतरे की घंटी है. 2018 में मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चित्रकूट उपचुनाव को लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा था. इस उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की रिकॉर्ड 14135 वोटों से जीत भाजपा के लिए चिंता का सबब बन सकती है. शिवराज सिंह के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ ने भी इस सीट पर जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रखी थी. बीजेपी की यह हार कांग्रेस के लिए संजीवनी से कम नहीं. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह जीत कांग्रेस कैडर के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल कर लेने जैसी ही है. 

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निशाने दो थे, पर भेद न पाए

इस उपचुनाव से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चित्रकूट का कई बार दौरा किया. योगी के इस दौरे को सियासी पंडित एक तीर से दो निशाना साधना मान रहे थे. पहला तो यहां होने वाला उपचुनाव था. दूसरा, योगी का चित्रकूट दौरा अयोध्या के ठीक बाद था. योगी ने चित्रकूट के कामदगिरी मंदिर की पांच किलोमीटर की परिक्रमा में भी हिस्सा लिया था. योगी ने छोटी दिवाली पर अयोध्या में तो रविवार को चित्रकूट में दीपोत्सव किया और मंदाकिनी किनारे महाआरती भी की. माना जा रहा कि हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए योगी भगवान राम से जुड़ी धार्मिक नगरी अयोध्या के बाद चित्रकूट का दौरा कर 2019 की तैयारी कर रहे हैं. यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या भी चित्रकूट में प्रचार कर चुके थे. 

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भाजपा के गढ़ गुरदासपुर में भी सेंधमारी

इससे पहले पंजाब की लोकसभा सीट गुरदासपुर पर भी कांग्रेस ने परचम लहराया था. विनोद खन्ना की मौत के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील जाखड़ ने भाजपा प्रत्याशी स्वर्ण सलारिया को तकरीबन एक लाख 93 हजार मतों के भारी-भरकम अंतर से जीत हासिल की थी. इस जीत के मायने इसलिए भी बढ़ जाते हैं क्योंकि गुरदासपुर सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है. विधानसभा चुनाव में भाजपा को पंजाब में पहले ही करारी हार का सामना करना पड़ा था. 

केरल में भी हाथ से निकली सीट

केरल की वेंगारा विधानसभा सीट भी उपचुनाव में भाजपा के हाथ से फिसल गई. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की घटक इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के उम्मीदवार केएनए खादर ने इस सीट पर जीत दर्ज की. भाजपा प्रत्याशी जनचंद्रन यहां चौथे स्थान पर पहुंच गए थे. खादर ने CPI(M) के पीपी बशीर को 23,310 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी.

बवाना उपचुनाव में भी हारी थी भाजपा 

बवाना में हुए उपचुनाव में भी भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा था. यहां आप उम्मीदवार राम चंद्र ने बीजेपी प्रत्याशी वेद प्रकाश को 24 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था. कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार तीसरे नंबर पर रहे थे. 

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मंदसौर में किसानों पर फायरिंग भी पड़ सकती है भारी 

किसान, किसानी और खेती को अपनी प्राथमिकता बताने वाले किसानों के साथ न्याय नहीं कर सके. मंदसौर में अपना वाजिब हक मांग रहे किसानों पर फायरिंग से उनकी खूब किरकिरी हुई. शिवराज ने प्रदर्शन में हिंसा भड़काने का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा था. जलते प्रदेश में शांति बहाली के लिए उन्होंने शांति व्रत भी रखा, लेकिन निहत्थे किसानों पर फायरिंग का उन्हें चुनाव में नुकसान हो सकता है. 

व्यापमं घोटाले का दाग चुनाव में भी करेगा पीछा

भी मध्यप्रदेश में होने वाले चुनाव में असर डाल सकती है. 2013 को सामने आए इस घोटाले को प्रदेश में हुआ अब तक का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है. साठगांठ कर मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के इस खेल में कई बड़ी मछलियां भी फंस चुकी हैं. इसमें तो खुद शिवराज भी स्वीकार कर चुके हैं कि 1000 फर्जी भर्तियां की गईं. अगले चुनाव में शिवराज सरकार को इस घोटाले का भी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

दो और विधानसभा सीटों पर होने हैं उपचुनाव

भाजपा के लिए खतरा अभी और है. अभी शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा और अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की घोषणा होना बाकी है. कांग्रेस विधायकों के निधन के कारण उपचुनाव होना है. चित्रकूट उपचुनाव में पराजय स्वीकार करते हुए सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘चित्रकूट उपचुनाव में जनता के निर्णय को शिरोधार्य करता हूं. जनमत ही लोकतंत्र का असली आधार है. जनता के सहयोग के लिये आभार व्यक्त करता हूं. चित्रकूट के विकास में किसी तरह की कमी नहीं होगी. प्रदेश के कोने-कोने का विकास ही मेरा परम ध्येय है.’

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इस मामले में अब यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि हवा का रुख बदल गया है. बीजेपी की यह हार की हवा गुजरात तक जाएगी.

जीत के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि भगवान राम पर किसी का एकाधिकार नहीं हैं. हम भगवान राम के सच्चे उपासक हैं. उन्होंने भाजपा पर तंज सकते हुए कहा कि  राम सच्चे और सही लोगों का साथ देते हैं, न कि भ्रष्ट लोगों का.

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