भारत पाकिस्तान रिश्तों में आते रहे हैं उतार-चढ़ाव, एक बार फिर सुधारने की हो रही कोशिश

भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा रिश्तों को सुधारने की कोशिश होती रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को अचानक पाकिस्तान जाने और पीएम नवाज शरीफ से मिलने के ऐलान के बाद इस बात की उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के रिश्ते एक बार फिर से पटरी पर आ जाएंगे.

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नवाज शरीफ से मिलने लाहौर पहुंचे नरेंद्र मोदी नवाज शरीफ से मिलने लाहौर पहुंचे नरेंद्र मोदी

मोनिका शर्मा

  • नई दिल्ली/इस्लामाबाद,
  • 25 दिसंबर 2015,
  • अपडेटेड 5:34 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को एक दिवसीय अफगानिस्तान दौरे पर थे, जहां से उन्होंने अचानक लाहौर जाने और पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात करने का ऐलान कर दिया.

मोदी के इस तरह अचानक पाकिस्तान जाने के ऐलान से एक तरफ जहां हैरानी हुई है, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच बढ़ी दूरियां कम होने की उम्मीद भी बंधी.

कभी एक ही देश रहे भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कभी एक जैसे नहीं रहे. इनमें हमेशा उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रही. मई 2014 में केंद्र में बीजेपी के आने के बाद भी दोनों के रिश्ते कभी सुधरते नजर आए, तो कभी बिगड़ते दिखे. दोनों देशों के बीच बदलते समीकरणों पर एक नजरः

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मई 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने केंद्र में सरकार बनाते हुए प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, उस वक्त नवाज शरीफ भी वहां मौजूद थे. यहां पहली बार दोनों की प्रधानमंत्रियों के तौर पर मुलाकात हुई थी. इसके अगले दिन दोनों के बीच एक औपचारिक मुलाकात भी हुई थी. मोदी के नवाज को शपथ ग्रहण में बुलाने को लेकर अलग-अलग हलकों से अलग-अलग राय आई थी.

भारतीय विदेश सचिवों की यात्रा रद्द
भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों ने आपसी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अगस्त 2014 में मुलाकात करने का फैसला किया. भारत के सचिवों का पाकिस्तान जाना तय हुआ लेकिन उससे पहले ही पाकिस्तान के हाई कमिश्नर ने दिल्ली में कश्मीर के अलगाववादियों से मुलाकात की. इस पर भारत ने कड़ी नाराजगी दर्ज कराई और अपने विदेश सचिवों की यात्रा रद्द कर दी. इसके बाद दोनों देशों के बीच फिर से तनाव की स्थिति पैदा हो गई.

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सार्क सम्मेलन में मुंह मोड़ा
इसके बाद नवंबर 2014 में नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुए 18वें सार्क सम्मेलन में मोदी और शरीफ की मुलाकात तो हुई लेकिन दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई. दोनों ने ही बात को आगे बढ़ाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.

ऊफा में भी हुई थी मुलाकात
रूस के ऊफा में हुई मुलाकात में भी दोनों नेताओं ने बातचीत को फिर से बहाल करने पर सहमति जताई थी. अगस्त 2015 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार (एनएसए) स्तर की वार्ता पर आम सहमति बनी थी.

पाक ने फिर अलाप दिया कश्मीर राग
इस साल अगस्त में एनएसए स्तर की वार्ता से पहले पाकिस्तान ने एक बार फिर से कश्मीर के मुद्दे को उठा दिया. पाकिस्तान ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा उठाए बिना दोनों देशों के बीच बात संभव ही नही हैं. इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने शर्त रखी कि बैठक से पहले वो अलगाववादी नेताओं से मुलाकात करेंगे. इसके बाद बात इतनी बिगड़ी कि इस बार पाकिस्तान ने अपने सलाहाकारों का भारत दौरा रद्द कर दिया.


इससे पहले 30 नवंबर को पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच हुई मुलाकात के दौरान बनी सहमति के बाद आतंकवाद पर वार्ता करने का फैसला लिया गया था. इसी के अनुसार बैंकॉक में एनएसए स्तर की वार्ता हुई. विदेश मंत्री ने लोकसभा में कहा था कि एक ही बैठक से सभी समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता. इसलिए हम आतंकवाद पर बात जारी रखेंगे.

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सुषमा स्वराज भी गईं पाकिस्तान
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इसी महीने पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचीं, जहां उन्होंने कमजोर पड़ी द्विपक्षीय वार्ता को आगे बढ़ाया. ये वार्ता 2008 में मुंबई हमलों के बाद से रुकी हुई थी. यहां तय हुआ कि अगले साल जनवरी में दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच बात होगी.

शरीफ को दी जन्मदिन की बधाई
पीएम मोदी ने बुधवार को खुद ट्वीट करके बताया कि सुबह उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से फोन पर बात की और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और वह लाहौर पहुंच गए. माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने की ये एक अच्छी कोशिश है.

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