फोन टैपिंग केस पर सियासी रार! राजस्थान में महेश जोशी और गजेंद्र शेखावत में ट्विटर वॉर

राजस्थान में फोन टैपिंग को लेकर सियासी लड़ाई छिड़ी हुई है. मुख्य सचेतक महेश जोशी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ट्विटर पर एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं. दोनों फोन टैपिंग केस पर एक-दूसरे को गलत साबित कर रहे हैं.

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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (फाइल फोटो-PTI) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (फाइल फोटो-PTI)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 25 जून 2021,
  • अपडेटेड 11:56 PM IST
  • फोन टैपिंग पर जारी सियासी घमासान
  • कांग्रेस-बीजेपी में जुबानी जंग जारी
  • गजेंद्र सिंह शेखावत ने छेड़ा ट्विटर वॉर

राजस्थान फोन टैपिंग केस पर जारी सियासी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्य सचेतक महेश जोशी के बीच अब ट्विटर भी जंग का मैदान बन गया है. गजेंद्र सिंह शेखावत ने महेश जोशी और अजय माकन की मुलाकात का फोटो ट्वीट कर निशाना साधा था. उन्होंने दिल्ली क्राइम ब्रांच का पता भी नोट कराया था.

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गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट के जरिए कहा, 'मुख्य सचेतक साहब, पता चला कि आप दिल्ली में हैं. आपकी सुविधा के लिए पुलिस मुख्यालय का पता मैंने यहां लिखा है. टेबल पर पड़े समन पर भी यही पता है. मीटिंग के बाद इसका पालन जरूर करें.'

गजेंद्र सिंह शेखावत के इस ट्वीट का जवाब महेश जोशी ने अलग अंदाज में दिया. उन्होंने लिखा, 'मेज पर पड़े जिस कागज पर लिखा कुछ भी पढ़ने में नहीं आ रहा है. उसे मेरा नोटिस बताना सिद्ध करता है कि आपको साजिश के पुर्जे-पुर्जे की पहचान व जानकारी है. क्योंकि पूरी साजिश के मुख्य किरदार आप ही हैं. आपके दबाव से ही दिल्ली पुलिस ने वह नोटिस मुझे भेजा था. लेकिन मंत्री महोदय नोटिस सही धारा में भिजवाया होता तो बिना पता पूछे सिर के बल आपकी दिल्ली पुलिस की सेवा में हाजिर होता. आपकी स्वयं की नादानी से ही आपका प्लान चौपट हो गया है.'

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इसके बाद एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा ....भगौड़ा मानसि संतुलन बेचारा. खैर आपको राजस्थान के एसीबी के पते की जानकारी नहीं है तो मैं भेजूं.

कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार गजेंद्र सिंह शेखावत पर हमला बोल रहे हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री का दावा है कि अगर फोन टैपिंग की जांच हो जाए तो राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार गिर जाएगी, क्योंकि सरकार अब खुद अपने चाल में फंस गई है. सरकार ने फोन टैपिंग जैसा असंवैधानिक कृत्य किया है.

उन्होंने शुक्रवार को ही कांग्रेस और सीएम अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मैं वॉयस सैंपल देने के लिए तैयार हूं. उन्होंने कांग्रेस पर शिकायत के ठीक 15 दिन बाद केस को वापस लेने पर भी सवाल खड़े किए. फोन टैपिंग को केंद्रीय मंत्री ने लोकतंत्र का सबसे बड़ा अपराध घोषित किया. 

वॉयस सैंपल देने को तैयार हैं केंद्रीय मंत्री!

भीलवाड़ा के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, अगर राजस्थान पुलिस मुझसे वॉयस सैंपल मांगती है तो मैं इसके लिए तैयार हूं. एक तरफ दिल्ली की पुलिस महेश जोशी को तलब कर रही है और कहीं नहीं जाने की बहानेबाजी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुझपर कोई केस नहीं है. राजस्थान के किसी भी जिले की पुलिस अगर मुझसे पूछताछ करना चाहती है, या वॉयस सैंपल लेना चाहती है तो मैं सहर्ष तैयार हूं.'

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