संविधान दिवस समारोह का विपक्ष ने किया बहिष्कार, जेपी नड्डा बोले- 'कांग्रेस ने जीवित रहते भी बाबासाहेब का विरोध किया था'

मणिपुर में बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने अपने एक भाषण में कहा कि जो लोग संविधान की रक्षा की दुहाइयां देते थे, कांग्रेस पार्टी और उसकी समविचार पार्टियों ने आज संविधान दिवस का बहिष्कार करके भारत के संविधान का अपमान किया है.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 27 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 12:55 AM IST
  • संसद के सेंट्रल हॉल में मना संविधान दिवस समारोह
  • कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने किया समारोह का बहिष्कार

देश में शुक्रवार यानी 26 नवंबर को संविधान दिवस  (Constitution Day) मनाया गया. संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित संविधान दिवस समारोह को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संबोधित किया. उधर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस समारोह का बहिष्कार किया. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह संविधान और बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर का अपमान है. जनता इनको माफ नहीं करेगी.

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मणिपुर में बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने अपने एक भाषण में कहा कि जो लोग संविधान की रक्षा की दुहाइयां देते थे, कांग्रेस पार्टी और उसकी समविचार पार्टियों ने आज संविधान दिवस का बहिष्कार करके भारत के संविधान का अपमान किया है. 

राहुल की राजशाही मानसिकता
नड्डा बोले कि राहुल गांधी ने बाबासाहेब की 125वीं जयंती का भी विरोध किया था. आज राहुल देश में नहीं दिख रहे हैं, लेकिन कांग्रेस वही रंग दिखा रही है. यह उनकी राजशाही मानसिकता का प्रतीक है.

विपक्षी दलों ने राष्ट्रनीति पर संकीर्ण राजनीति की
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा, कांग्रेस ने बाबासाहेब के जीवित रहते भी उनका विरोध किया था. उनको चुनाव हराया, उनको कभी उचित सम्मान नहीं दिया. आज जब देश के संविधान को सम्मान देने और बाबासाहेब की विरासत को नमन करने का अवसर था, तब कुछ विपक्षी दलों ने राष्ट्रनीति पर संकीर्ण राजनीति करते हुए इसका बहिष्कार किया और देशहित के ऊपर दलहित और परिवार हित को रखा.

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PM की तारीफ की
वहीं, प्रधानमंत्री के कसीदे पढ़ते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का संविधान दिवस पर भाषण संविधान के महत्व का प्रचार प्रसार करने और बाबासाहेब आंबेडकर जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने वाला है. संविधान दिवस, मोदी जी की संविधान में उनकी आस्था और बाबासाहेब के प्रति उनके सम्मान का परिचायक है.

परिवारवाद पर मोदी का सीधा वार
संविधान दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्नता से भरे देश को एक संविधान में पिरोना आसान नहीं था. पीएम मोदी ने कहा, अगर संविधान निर्माताओं में 'राष्ट्र पहले' वाली भावना नहीं होती तो 1 पन्ना रचने में भी दिक्कत होती. इस दौरान पीएम मोदी ने परिवारवाद पर सीधा वार किया और कहा जो दल खुद लोकतांत्रिक चरित्र खो चुके हैं, वो लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं? पीएम मोदी ने कहा आज पारिवारिक पार्टियां बड़ी चिंता का विषय हैं. पीढ़ी दर पीढ़ी एक परिवार का प्रभुत्व लोकतंत्र के लिए बड़ा संकट है. 

 

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