'इतनी जल्दबाजी में क्यों', महिला आरक्षण पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री को लिखा पत्र

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर कहा है कि राज्यों में चुनाव समाप्त हो जाने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाएं. उन्होंने कहा है कि विपक्षी दलों के नेता चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं.

Advertisement
मल्लिकार्जुन खड़गे ने 29 अप्रैल के बाद बैठक बुलाने का दिया सुझाव (Photo: ITG) मल्लिकार्जुन खड़गे ने 29 अप्रैल के बाद बैठक बुलाने का दिया सुझाव (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:17 PM IST

संसद का बजट सत्र चल रहा है और सरकार इस सत्र में लोकसभा और राज्यों की विधानसभा में महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाना चाहती है. इसे लेकर अब कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखा है. खड़गे ने रिजिजू से पूछा है कि सरकार इस कानून में बदलाव के लिए इतनी जल्दबाजी में क्यों हैं?

Advertisement

कांग्रेस अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि विपक्षी दलों के नेता इस समय चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं. उन्होंने 26 मार्च को किरेन रिजिजू का पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए लिखा है कि विपक्षी दलों की ओर से 24 मार्च को ही पत्र लिखकर सरकार को यह सुझाव दिया गया था कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं. इन चुनावों के लिए मतदान हो जाने (29 अप्रैल) के बाद, इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि संविधान संशोधन कानून पारित होने के करीब 30 महीने बाद ही सरकार उसे फिर से संशोधित करने की इतनी जल्दी में क्यों है. उन्होंने लिखा है कि सभी दल इस समय चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, इसलिए उनका सुझाव है कि चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए. खड़गे ने कहा है कि इससे 2029 चुनाव के पहले महिला आरक्षण लागू करने की मंशा पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: महिला आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से पूछा-कब लागू होगा 33% आरक्षण? सरकार से टाइमलाइन भी मांगी

उन्होंने अपने पत्र में यह भी याद दिलाया है कि 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा में बहस के दौरान खुद भी यह मांग की थी कि इसे तुरंत लागू किया जाए. सरकार ने उनकी ये मांग नहीं मानी थी. मल्लिकार्जुन खड़गे ने रिजिजू को यह भी सुझाव दिया है कि 29 अप्रैल के बाद सरकार कभी भी सर्वदलीय बैठक बुला ले. गौरतलब है कि 24 मार्च को कई विपक्षी दलों ने सरकार को पत्र लिखकर यह मांग की थी कि महिला आरक्षण पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए.

यह भी पढ़ें: लॉटरी से तय होंगी सीटें! महिला आरक्षण लागू करने के लिए सरकार का नया फॉर्मूला

विपक्षी नेताओं की ओर से लिखे गए पत्र में यह मांग की गई थी कि यह बैठक मौजूदा विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार समाप्त होने के बाद आयोजित की जानी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष के लेटरहेड पर लिखे उस पत्र में कहा गया था कि 16 मार्च को भी पत्र लिखकर सरकार से प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में जल्द से जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया था, जिससे नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के तौर-तरीकों के साथ ही इसके रोडमैप पर चर्चा हो सके.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 2029 में ही लागू हो सकता है महिला आरक्षण, 50% सीटें बढ़ाने का फॉर्मूला तैयार!

कांग्रेस अध्यक्ष के लेटरहेड पर लिखे इस पत्र पर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर कई विपक्षी दलों के नेताओं ने हस्ताक्षर किए थे. कांग्रेस ने एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज करते हुए 'यू-टर्न का उस्ताद' कहा था. कांग्रेस ने कहा था कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है. मुख्य विपक्षी पार्टी ने इसे विदेश नीति की विफलताओं और एलपीजी, ऊर्जा संकट से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement