अमेरिका में चुनाव जीत सकते हैं भारतीय मूल के 5 नेता, बाइडेन की पार्टी ने दिया है टिकट

अमेरिकी राजनीति के जानकारों की मानें तो भारतीय मूल के पांचों अमेरिकी प्रत्याशी चुनाव जीत सकते हैं. इनमें से चार प्रत्याशी पहले से ही सांसद हैं और दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें अमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना और प्रमिला जयपाल शामिल हैं.

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (फाइल फोटो) अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:37 AM IST

अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव में 5 भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक यूएस हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की रेस में हैं. इनमें से चार प्रत्याशी मौजूदा सांसद हैं, उन्हें बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी ने फिर से मैदान में उतारा है. यूएस में इस बार 8 नवंबर को मध्यावधि चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. 

अमेरिकी राजनीति के जानकारों की मानें तो भारतीय मूल के पांचों अमेरिकी प्रत्याशी चुनाव जीत सकते हैं. इनमें से चार प्रत्याशी पहले से ही सांसद हैं और दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें अमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना और प्रमिला जयपाल शामिल हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी के चारों सदस्यों को फिर से चुने जाने की संभावना है. 

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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भारतीय मूल के कारोबारी श्री थानेदार भी शामिल हैं, जो मिशिगन के 13वें कांग्रेसनल जिले से चुनाव लड़ रहे हैं. कैलिफोर्निया के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से प्रतिनिधि सभा में अपना छठा कार्यकाल चाहने वाले अमी बेरा सबसे सीनियर हैं. खन्ना कैलिफोर्निया से 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनके अलावा कृष्णमूर्ति इलिनोइस के 8वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट और वाशिंगटन स्टेट के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जयपाल लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं.  

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, डेमोक्रेटिक के भारतीय मूल के चारों प्रत्याशी रिपब्लिकन विरोधियों के खिलाफ मजबूत स्थिति में हैं. वहीं 5वें प्रत्याशी थानेदार डेट्रॉइड के अफ्रीकी अमेरिकी हिस्से से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. अगर वह चुनाव जीत जाते हैं तो वह बेरा, खन्ना, कृष्णमूर्ति और जयपाल के साथ अगली कांग्रेस में 5वें भारतीय-अमेरिकी होंगे. चेन्नई में जन्मी 57 वर्षीय प्रमिला जयपाल प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली और एकमात्र भारतीय-अमेरिकी महिला हैं.

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मैरीलैंड से एलजी पद की प्रत्याशी हैं अरुणा

इस चुनाव में एक और भारतीय-अमेरिकी मैरीलैंड राज्य में इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है. मैरीलैंड हाउस ऑफ डेलीगेट्स की पूर्व सदस्य अरुणा मिलर डेमोक्रेटिक टिकट पर राज्य के उपराज्यपाल पद का चुनाव लड़ रही हैं. जानकारों की मानें तो वह जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वह मैरीलेंड में इस पद के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय अमेरिकी होंगी. इस बीच डेमोक्रेट और रिपब्लिकन ने 8 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकियों तक पहुंचने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं. वाशिंगटन पोस्ट ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय-अमेरिकी कुछ कड़े मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकते हैं. 

टीवी होस्ट पद्म लक्ष्मी फिलाडेल्फिया में खटखटाएंगी दरवाजा

पेंसिल्वेनिया में पॉपुलर टीवी होस्ट पद्मा लक्ष्मी, फेनोमेनल मीडिया सीईओ मीना हैरिस और जयपाल समुदाय के दक्षिण एशियाई मतदाताओं को जुटाने के लिए फिलाडेल्फिया में दरवाजे खटखटाएंगे. लक्ष्मी ने कहा कि मैं इस वीकेंड में फिलाडेल्फिया में कई सामुदायिक कार्यकर्ताओं और दक्षिण एशियाई महिला नेताओं के साथ वोटर्स तक पहुंचूंगी. उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से वोट देने की अपील की. वही मीना हैरिस ने कहा कि यह पहली बार है जब हम देश भर से दक्षिण एशियाई महिला नेताओं के इस समूह को नागरिक जुड़ाव के लिए अपने समुदाय को जुटाने के लिए एक साथ लाए हैं. 

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2016 में 45000 वोट से हुआ था फैसला

भारतीय-अमेरिकी इम्पैक्ट के कार्यकारी निदेशक नील मखीजा के अनुसार, 2016 में पेंसिल्वेनिया में 45000 से कम वोटों के मामूली अंतर से फैसला हुआ था. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में हम जॉर्जिया की तरह मतदान को दोगुना करेंगे. केवल पेंसिल्वेनिया में एक लाख से अधिक दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाताओं के साथ हमारे पास देश की दिशा निर्धारित करने का अवसर है.  

 

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