सेना की मूवमेंट की जानकारी, PAK के लिए जासूसी... अरुणाचल से 2 कश्मीरी हुए गिरफ्तार

अरुणाचल में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने दो संदिग्ध कश्मीरियों को पकड़ा है, जिनपर आर्मी से जुड़ी गुप्त जानकारियां पाकिस्तान भेजने का आरोप लग है. दोनों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

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सेना की तैनाती की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे युवाओं को पुलिस ने दबोचा (Photo: Representational) सेना की तैनाती की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे युवाओं को पुलिस ने दबोचा (Photo: Representational)

अशरफ वानी

  • श्रीनगर,
  • 11 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 4:08 PM IST

अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने एक बड़ी सुरक्षा सफलता हासिल करते हुए जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रहने वाले दो युवकों नाज़िर अहमद मलिक और सबीर अहमद मीर को जासूसी के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया है. 

पुलिस का कहना है कि ये दोनों युवक भारतीय सेना की तैनाती, लोकेशन और मूवमेंट से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटा रहे थे और यह डेटा पाकिस्तान-आधारित हैंडलरों तक पहुंचा रहे थे.

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जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से संचालित हो रहा था, ताकि सुरक्षा एजेंसियां जानकारी को आसानी से ट्रेस न कर सकें. पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में यह प्रूफ मिला कि वे कई बार सेना से जुड़े मूवमेंट और लोकेशन की डिटेल पाकिस्तान स्थित हैंडलरों को भेज चुके थे. यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जाती है.

पुलिस ने यह भी बताया कि उनकी डिवाइसों की जांच में “AL AQSA” नामक एक टेलीग्राम चैनल से कनेक्शन मिला, जिससे संदेह और गहरा हो गया कि यह कोई संगठित जासूसी मॉड्यूल है, जो व्यवस्थित तरीके से भारत की सैन्य सूचनाएं एकत्र कर रहा था. 

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शुरुआती जांच बताती है कि दोनों युवकों को पाकिस्तान की ओर से निर्देश मिलते थे और वे उन्हीं के अनुसार इलाके में घूमकर जानकारी जुटाते थे.

अरुणाचल पुलिस ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि यह देश की सेना की सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल गोपनीयता को खतरे में डालने वाला प्रयास था. पुलिस ने थाना चिम्पू में दोनों के खिलाफ UAPA सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है.

अधिकारियों का कहना है कि अब यह जांच बढ़ाई जाएगी कि क्या इस जासूसी नेटवर्क में और भी लोग जुड़े हैं, या किसी स्थानीय स्तर पर मदद मिल रही थी. यह भी पता लगाया जा रहा है कि पाकिस्तान-आधारित हैंडलरों ने इन युवकों को कैसे तैयार किया और उन्हें किस तरह की सूचनाएं भेजने को कहा जाता था.

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