विजय सरकार के 'श्वेत पत्र' में क्या है? तमिलनाडु में सियासी तूफान, DMK ने खोल दिया मोर्चा

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) द्वारा साल 2026 में जारी किए गए 'श्वेत पत्र' के खिलाफ एक विस्तृत जवाबी रिपोर्ट तैयार कर कड़ा हमला बोला है.

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तमिलनाडु में श्वेतपत्र पर घमासान. (photo: ITG) तमिलनाडु में श्वेतपत्र पर घमासान. (photo: ITG)

aajtak.in

  • चेन्नई,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:06 PM IST

तमिलनाडु में सत्ताधारी टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच श्वेत पत्र को लेकर बड़ी जंग छिड़ गई है. अब डीएमके ने टीवीके द्वारा जारी श्वेत पत्र के खिलाफ एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दावा किया कि टीवीके ने उनके साल 2021 के श्वेत पत्र की हूबहू नकल की है. डीएमके की रिपोर्ट के मुताबिक, टीवीके के पेपर में बिना किसी आभार या क्रेडिट के 22 लगातार समान शब्दों तक के वाक्यों को हूबहू कॉपी किया गया है और इसके कई वित्तीय आंकड़े केवल अनऑडिटेड अनुमानों पर आधारित हैं.

इंडिया टुडे/आजतक के हाथ डीएमके की वो रिपोर्ट हाथ लगी है,जिसमें दावा किया गया है कि TVK ने DMK के 2021 के व्हाइट पेपर की नकल की है. डीएमके का कहना है कि ‘फोरेंसिक एनालिसिस’ से टेक्स्ट और स्ट्रक्चर की नकल का पता चला है.

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टेक्स्ट और स्ट्रक्चर की नकल के 8 मामले

डीएमके की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फोरेंसिक तुलना से पुष्टि होती है कि DMK के 2021 के व्हाइट पेपर से TVK के 2026 के व्हाइट पेपर में टेक्स्ट और स्ट्रक्चर की नकल के आठ मामले सामने आए हैं, जिसमें बिना किसी क्रेडिट के 22 एक जैसे लगातार शब्दों वाले वाक्य शामिल हैं.

इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि TVK का श्वेत पत्र कुछ आंकड़ों और बड़े-बड़े दावों को दोहराता है, जिन्हें उसके अपने चार्ट और सरकारी डेटा सही ठहराते हैं- खासकर 'अब तक का सबसे ज़्यादा' रेवेन्यू घाटा जो एक प्रोविजनल प्री-ऑडिट अनुमान पर आधारित है.

डीएमके की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि फोरेंसिक तुलना से दोनों दस्तावेजों के बीच वाक्य-स्तरीय मिलान के दौरान आठ श्रेणियों की कूटनीतिक चोरी की पुष्टि हुई है. जांचकर्ताओं ने 7-शब्दों के अनुक्रमों तक की बारीक स्कैनिंग और निकट-पैराफ्रेज डिटेक्शन तकनीक का इस्तेमाल करके इस चोरी को पूरी तरह से बेनकाब किया है.

साहित्यिक चोरी (प्लेजरिज्म) के निष्कर्षों की सूची के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) और जल-क्षेत्र से जुड़े पैराग्राफ को टीवीके ने डीएमके के पुराने दस्तावेज से लगभग हूबहू उठा लिया है, जिसे बेहद गंभीर श्रेणी का माना गया है. इसके अलावा उद्देश्य और मिशन वक्तव्य में भी शब्दों की सीधी नकल की गई है.

डीएमके ने दावा किया है कि सरकारी उपक्रमों के कर्ज से जुड़े वाक्यों में 22 शब्दों का लगातार एक जैसा इस्तेमाल किया गया है. इतना ही नहीं, वाटर-बोर्ड से जुड़े वाक्य और टेबल की पूरी बनावट के साथ-साथ पीएसयू अनुभाग की पूरी वास्तुकला (स्ट्रक्चरल कॉपी) को भी जस का तस चुराया गया है.

इस जवाबी विश्लेषण में टीवीके के सभी तथ्यात्मक दावों की जांच तमिलनाडु बजट दस्तावेजों, पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च बजट विश्लेषण, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की राज्य वित्त रिपोर्ट और सोलहवें वित्त आयोग की सामग्रियों से क्रॉस-चेक करके की गई है, जिसके सभी स्रोतों की सूची अंत में दी गई है.

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