'अगर मेरी राज्यसभा सीट वापस चाहिए थी तो...', मारपीट के बाद चल रही अटकलों पर स्वाति मालीवाल का जवाब

AAP की तरफ से राज्यसभा सीट खाली करवाने के सवाल पर स्वाति मालीवाल ने जवाब दिया, 'अगर मेरी राज्यसभा की सीट उन्हें वापस चाहिए थी, अगर वो प्यार से मांगते तो मैं जान दे देती, एमपी तो बहुत छोटी बात है.'

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स्वाति मालीवाल (फाइल फोटो) स्वाति मालीवाल (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2024,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा सीट खाली करवाने के सवाल पर स्वाति मालीवाल ने कहा, 'अगर मेरी राज्यसभा की सीट उन्हें वापस चाहिए थी, अगर वो प्यार से मांगते तो मैं जान दे देती, एमपी तो बहुत छोटी बात है. मैंने अपने पूरे करियर में कभी किसी पद की लालसा नहीं दिखाई. मैं बिना पद के भी काम कर सकती हूं. लेकिन जिस तरह से इन्होंने मुझे मारा और पीटा है अब चाहें दुनिया की कोई भी शक्ति लग जाए, मैं किसी भी हाल में इस्तीफा नहीं दूंगी.'

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न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में स्वाति से पूछा गया, आम आदमी पार्टी के कुछ सूत्रों का कहना है कि शायद हो सकता है कि आपको कहा गया हो कि राज्यसभा की सीट आपकी छोड़नी होगी, किसी खास वकील के लिए वह सीट चाहिए. क्या यह मुद्दा था?

'प्यार से मांगते तो मैं जान दे देती'

जवाब में स्वाति मालीवाल ने कहा, 'अगर मेरी राज्यसभा की सीट उन्हें वापस चाहिए थी, अगर वो प्यार से मांगते तो मैं जान दे देती, एमपी तो बहुत छोटी बात है. मैंने अपने पूरे करियर में कभी किसी पद की लालसा नहीं दिखाई. 2006 में इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर मैं तब जुड़ी थी जब कोई जानता नहीं था किसी को. सिर्फ तीन लोग थे. उनमें से मैं एक थी. मैं तब से काम करती आ रही हूं. मैंने जमीन पर काम किया है. 2006 से 2012 तक मैंने सारे ऑपरेशन रन किए हैं. मैं उन सबसे प्रमुख लोगों में से एक थी.'

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'अब किसी भी हाल में इस्तीफा नहीं दूंगी'

उन्होंने कहा, 'मुझे एमपी पद की कोई लालसा नहीं है. ये मुझे प्यार से बोलते तो मैं हर हाल में रिजाइन कर देती, मुझे कोई समस्या नहीं है. मुझे नहीं लगता कि मैं कोई पद में बंधी हूं. मैंने बहुत काम किया है और बिना पद के भी मैं काम कर सकती हूं लेकिन जिस तरह से इन्होंने मुझे मारा और पीटा है अब चाहें दुनिया की कोई भी शक्ति लग जाए, मैं किसी भी हाल में इस्तीफा नहीं दूंगी.'

स्वाति मालीवाल ने कहा, 'मुझे पता चल रहा है, बताया जा रहा है कि इसी वजह से मेरा चरित्र हनन किया जा रहा है, विक्टिम शेमिंग की जा रही है लेकिन मैं बिल्कुल रिजाइन नहीं करूंगी. मैं संसद में इस समय सबसे युवा महिला सांसद हूं और मैं बहुत कड़ी मेहनत करूंगी, मैं बहुत शिद्दत से काम करूंगी और एक आदर्श सांसद कैसी होती है, मैं वह बनकर दिखाऊंगी.'

'मुझसे सिर्फ संजय सिंह ने बात की'

स्वाति मालीवाल से पूछा गया, राघव चड्ढा वापस आ गए हैं, क्या उन्होंने आपसे संपर्क किया? जवाब में उन्होंने कहा, 'पार्टी में मुझसे सिर्फ संजय सिंह ने बात की है क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि उनसे बोला गया था. बाकी पार्टी में सभी ने एक-दूसरे से बात की. बहुत लोगों ने मेरे करीबी दोस्तों से भी बात की लेकिन मुझसे सिर्फ संजय सिंह ने बात की है.'

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स्वाति से पूछा गया, ऐसी खबरें हैं कि तीन लोगों से अपनी राज्यसभा सीट खाली करने का अनुरोध या आदेश दिया गया है, एक आप, दूसरे राघव चड्ढा और तीसरे हरभजन सिंह. क्या यह सच है? उन्होंने जवाब दिया, 'मैं अपना बता सकती हूं, मुझसे इस तरह की कोई बात नहीं हुई. जैसा मैंने कहा कि मुझसे प्यार से बोलते तो मैं जान दे देती, राज्यसभा सीट तो बहुत छोटी बात है.'

'विभव ने मुझे 7-8 थप्पड़ जोर-जोर से मारे'

बातचीत में अपने साथ हुई मारपीट के सवाल पर उन्होंने कहा, 'मैं 13 मई को सुबह 9 बजे के करीब अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके आवास पर गई थी. मुझे वहां स्टाफ ने ड्रॉइंग रूम में बिठाया और बताया कि अरविंद जी घर पर हैं और वह मुझसे मिलने आ रहे हैं. उतने में विभव कुमार जो उनके पीएस थे, वो वहां पर धनधनाते हुए आते हैं. मैंने उनसे बोला भी कि क्या हुआ, अरविंद जी आ रहे हैं, क्या हो गया. इतने में ही उन्होंने हाथ छोड़ दिया.'

स्वाति ने कहा, 'उन्होंने (विभव ने) मुझे 7-8 थप्पड़ पूरी जोर से मारे. जब मैंने उन्हें पुश करने की कोशिश की तो उन्होंने मेरा पैर पकड़ लिया और मुझे नीचे घसीट दिया, उसमें मेरा सिर सेंटर टेबल से टकराया. मैं नीचे गिरी और फिर उन्होंने मुझे लातों से मारना शुरू किया. मैं बहुत जोर-जोर से चीख-चीखकर हेल्प मांग रही थी लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया.'

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