बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है. अदालत के एक फैसले के बाद मुंबई के बांद्रा स्थित उनके मशहूर बंगले 'मन्नत' के रेनोवेशन का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण से जुड़ी मंजूरी का हवाला देकर मन्नत के रेनोवेशन पर रोक लगाने की मांग करने वाली एक याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है. ये अर्जी मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर ने दाखिल की थी.
याचिका में मांग की गई थी कि मन्नत के रेनोवेशन के लिए दी गई कोस्टल रेगुलेशन जोन (CRZ) क्लीयरेंस को तुरंत रद्द किया जाए. हालांकि, अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया.
सुप्रीम कोर्ट को अर्जी की सच्चाई पर शक
इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी एस मोहना की तीन सदस्यीय बेंच ने की. मामले की गंभीरता को देखते हुए बेंच ने कड़ा रुख अपनाया. कोर्ट ने कहा कि उन्हें इस अर्जी की सच्चाई और मंशा पर शक है. इसी के साथ अदालत ने रोक लगाने की मांग को ठुकरा दिया.
दरअसल, इस अर्जी के जरिए सितंबर 2025 के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) पुणे के पुराने आदेश को चुनौती दी गई थी. NGT ने भी पहले संतोष दौंडकर की उस अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें शाहरुख खान के घर 'मन्नत' के रेनोवेशन के विरोध की बात कही गई थी.
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NGT और कोस्टल अथॉरिटी से पहले ही मिली थी हरी झंडी
बता दें कि शाहरुख खान को अपने बंगले में सुधार और निर्माण कार्य करने के लिए महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) से जरूरी रेनोवेशन परमिशन मिल चुकी थी. एक्टिविस्ट ने पहले इस परमिशन को NGT में चुनौती दी, लेकिन वहां नाकामी मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
अब सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिलने के बाद शाहरुख खान और गौरी खान के बंगले का काम बिना किसी कानूनी अड़चन के आगे बढ़ सकेगा.
संजय शर्मा