राष्ट्रपति चुनाव: यशवंत सिन्हा आज दाखिल करेंगे नामांकन, कहा- अगर चुने गए तो एजेंसियों का 'दुरुपयोग' नहीं होगा

यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर वह राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते हैं तो वह राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग को तत्काल समाप्त कर देंगे. साथ ही सुनिश्चित करेंगे कि न्याय और निष्पक्षता बनी रहे. 

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पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा (फाइल फोटो) पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जून 2022,
  • अपडेटेड 6:50 AM IST
  • राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार हैं यशवंत सिन्हा
  • सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई से नाराज हैं सिन्हा

राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा आज नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. इस दौरान उनके साथ राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सीताराम येचुरी, शरद पवार और ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं के आने की उम्मीद है. सिन्हा ने दावा किया कि उन्हें कुछ और भी दलों का समर्थन मिलेगा.  

यशवंत सिन्हा ने पीटीआई के दिए इंटरव्यू में कहा कि हमारा लोकतंत्र, हमारा संविधान खतरे में है. स्वतंत्रता संग्राम के सभी मूल्य खतरे में हैं. इसलिए भारत को खतरा है.इस दौरान उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह आंखें खोलने वाला है. सिन्हा ने हवाला मामले में जांच एजेंसियों द्वारा उनके आवास पर की गई पूछताछ का हवाला दिया और कहा कि बाद में मामला कोर्ट में टिक ही नहीं पाया. ये सभी मामले राजनीति से प्रेरित हैं. 

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'सीबीआई, ईडी से डरे लोग बदल रहे पाला'

यशवंत सिन्हा ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि बहुत से लोग विपक्षी दलों से बीजेपी की ओर जा रहे हैं, वो वास्तव में सीबीआई, ईडी से डरे हुए हैं. हो सकता है कि उन्हें धमकी दी गई हो. सिन्हा ने कहा कि अगर वह राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते हैं तो वह राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग को तत्काल समाप्त कर देंगे. साथ ही सुनिश्चित करेंगे कि न्याय और निष्पक्षता बनी रहे. 

'द्रौपती का नॉमिनेशन प्रतीकवाद'

वहीं एनडीए द्वारा आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामित किए जाने पर उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को ऊपर उठाने से पूरे समुदाय का उत्थान सुनिश्चित नहीं होता है और द्रौपदी को राष्ट्रपति के लिए नामित करना राजनीतिक प्रतीकवाद से अधिक कुछ नहीं है. 

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'बेटा करेगा राजधर्म का पालन'

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने अपने बेटे जयंत सिन्हा के बारे में कहा कि बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा का समर्थन नहीं मिलने को लेकर किसी धर्म संकट में नहीं हैं. वह राज धर्म का पालन करता है.. मैं राष्ट्र धर्म का पालन करूंगा. 

28 जून से अभियान की शुरुआत

सिन्हा ने बताया कि वो 28 जून से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे. उनका अभियान तमिलनाडु के चेन्नई से शुरू होने की संभावना है. वो पहले दक्षिण के राज्यों में समर्थन मांगेंगे, उसके बाद ही उत्तर के राज्यों में आएंगे. 
 

 

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