NEET परीक्षा की वजह से PM मोदी ने 45 मिनट एयरपोर्ट पर किया इंतजार, जानिए क्यों?

NEET-UG री-एग्जाम में शामिल हो रहे छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना होने में देरी की.

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दोपहर 2 बजे NEET-UG री-एग्जाम शुरू होने के बाद PM मोदी एयरपोर्ट से रवाना हुए. (Photo: PTI) दोपहर 2 बजे NEET-UG री-एग्जाम शुरू होने के बाद PM मोदी एयरपोर्ट से रवाना हुए. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:17 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना होने में देरी की, ताकि NEET-UG री-एग्जाम में शामिल हो रहे छात्रों को अपने एग्जाम सेंटर्स तक जाने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे.

उन्होंने तुरंत अपने आवास के लिए निकलने के बजाय एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया, क्योंकि NEET परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी.

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अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि उस अहम समय में राजधानी में ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे, जब हजारों उम्मीदवार अपने-अपने परीक्षा सेंटर्स की ओर जा रहे थे.

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बता दें, प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के लिए अक्सर तय रास्तों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट और अस्थायी प्रतिबंधों की जरूरत होती है. इसके चलते अपनी रवानगी में देरी करके, प्रधानमंत्री ने किसी भी ऐसी रुकावट से बचने की कोशिश की जिससे परीक्षा के लिए जा रहे छात्रों पर असर पड़ सकता था.

वहीं, दोपहर 2 बजे NEET-UG री-एग्जाम शुरू होने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी एयरपोर्ट से अपने आवास के लिए रवाना हुए.

परीक्षा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बीच पिछली परीक्षा रद्द होने के बाद, अब पूरे देश में कड़े सुरक्षा इंतजामों के साथ NEET-UG की दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है.

भारत में 5,440 और विदेशों में 14 सेंटर्स पर 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के शामिल होने के साथ, NTA ने NEET-UG के लिए एक मजबूत सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया है.

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AI-आधारित निगरानी के साथ 1.38 लाख CCTV कैमरों के जरिए 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों की निगरानी की जा रही है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक नकल रोकने के लिए 51,000 से अधिक सिग्नल जैमर लगाए गए हैं.

सुरक्षा इंतजामों में 6,700 ऑब्जर्वर, 100 से अधिक वर्चुअल मॉनिटर, लगभग 39,000 फ्रिस्किंग स्टाफ, 48,000 से अधिक बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन स्टाफ और परीक्षा के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सेंटर सिस्टम ऑफिसर भी शामिल हैं.

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