लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव आया है. कांग्रेस के सांसद डॉक्टर मोहम्मद जावेद ने एक दिन पहले सदन में स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव पेश किया था. इस पर डिबेट के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. एक दिन पहले ही कांग्रेस की ओर से तरुण गोगोई ने चर्चा की शुरुआत की थी.
बीजेपी की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले वक्ता थे. आज इस चर्चा का दूसरा दिन है. गृह मंत्री अमित शाह आज इस प्रस्ताव पर बोल सकते हैं. वहीं, राज्यसभा में आज मंत्रालयों की अनुदान मांगों और कामकाज पर चर्चा होनी है.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मुझे खामखाह बदनाम किया जाता है कि बी टीम हूं. कुछ दिया नहीं, पांच मिनट दे दीजिए ताकि आपके खिलाफ बोल सकूं. इल्जाम सच या झूठ साबित हो जाए हमेशा के लिए. स्पीकर का मुकाम सीजेआई के बराबर है. उन्होंने नीलम संजीव रेड्डी को भी कोट किया और कहा कि वह स्पीकर की चेयर पर बैठते ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया और उनके जमाने में कभी अपोजिशन ने वाकआउट नहीं किया. लेजिस्लेचर की आजादी कम होती जा रही है. सोमनाथ चटर्जी ने इसी कुर्सी से सुप्रीम कोर्ट का नोटिस नकारा. 2016 में इसी संसद परिसर में आर्मी की टैंक लाकर लगा दी गई. यह संसद की तौहीन नहीं तो और क्या है. स्पीकर हमारे प्रति जवाबदेह है, सरकार हम सबके प्रति. सरकार इस सदन की प्रतिष्ठा गिराने का काम कर रही है. बी टीम हूं, सुन लीजिए. ओवैसी ने बेनीवाल को डिप्टी स्पीकर बनाने की डिमांड की और कहा कि पप्पू यादव आएंगे या नहीं आएंगे, मुझे नहीं मालूम. चेयर से जगदंबिका पाल ने टोका तो ओवैसी ने कहा कि आप बुजुर्ग हैं. इस पर जगदंबिका पाल ने कहा कि नहीं हूं बुजुर्ग.
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इस सदन के कस्टोडियन का सपोर्ट करना मेरी मोरल ड्यूटी भी है. पिछले सत्र में विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिए जाने को मुख्य वजह बताया जा रहा है, लेकिन यह मुख्य वजह नहीं है. ये अहंकार और अनुशासन के बीच की लड़ाई है. आपके पीछे सेंगोल है, सदियों से राजा को धर्म दंड के नीचे माना जाता था. विपक्ष के नेता हों या कोई और सदस्य, वह ये नहीं कह सकते कि हम जब चाहेंगे जितना चाहेंगे बोलेंगे. इसकी प्रक्रिया है. स्पीकर पर सबसे ज्यादा सस्पेंशन के आरोप कल से लग रहे हैं. लास्ट लोकसभा में कांग्रेस की स्ट्रेंथ कम थी, प्रोडक्टिविटी ज्यादा थी. इस बार ज्यादा सदस्य हैं उनके, इसलिए डिसरप्शन ज्यादा हो रहे हैं और प्रोडक्टिविटी गिर गई है.
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हम अटल जी की सरकार में मंत्रिमंडल में भी थे. इस पर गिरिराज सिंह ने आपत्ति की. पप्पू यादव ने कहा कि हां, थे. हमारी फेडरल डेमोक्रेटिक पार्टी मंत्रिमंडल में भी थी. आप आए कब. मेरे घर पर भूजा खाते थे, क्या बात करते हैं. इस पर चेयर से जगदंबिका पाल ने टोका. इसके बाद पप्पू यादव ने अपनी बात जारी रखा और कहा कि हम स्पीकर के बारे में नहीं कहना चाहेंगे, व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन जब संवैधानिक मूल्यों की बात होगी. लोकसभा के सांसद को ये गाइड करेंगे, नहीं कर सकते वो. आसन को ये गाइड नहीं करेंगे. जगदंबिका पाल ने कहा कि तीन मिनट का समय था, पांच मिनट हो गया तब भी हमने बैठने के लिए नहीं कहा. आप वरिष्ठ सांसद हैं. पूर्णिया सांसद ने कहा कि अनुराग ठाकुर कह रहे थे, इनको कहिए कि पार्टी से हटकर निर्दलीय लड़कर देख लें. मेरे बेटे की बात इन्होंने की, व्यक्तिगत बात की. हर सदन के एमपी की गरिमा और 140 करोड़ जनता की आवाज का सम्मान होना चाहिए.
बलिया से सपा के सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि जब हम लोग नए-नए चुनकर आए थे, स्पीकर ने संबोधित किया था. तब लगा कि हमें अभिभावक मिले हैं. हमें सवाल पूछने का मौका मिला भी, लेकिन सवाल अधूरा रहते ही हमारा माइक बंद कर दिया जाता है. हमारा मतदाता देखता रह जाता है कि हमारा सदस्य बोलता है कि नहीं. बहाना बनाते हैं कि विपक्ष सदन नहीं चलने देता. ये जिम्मेदारी जितनी विपक्ष की है, उतनी ही सत्तापक्ष की भी है. हमारा स्पीकर से विरोध नहीं है, लेकिन सत्तापक्ष के इशारे पर जब विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करेंगे, तब हमें बार-बार वेल में आना ही पड़ेगा. इससे कोई रोक नहीं सकता है. विपक्ष का कोई भी सदस्य बोलने का काम करता है, तब सत्तापक्ष के कुछ भड़वे किस्म के लोग उस आवाज को दबाने का काम करते हैं. जिस कुर्सी पर बैठकर स्पीकर सुनते हैं हमारी बात, वह एक बार भी उनको टोकने का काम नहीं करते हैं. इस अपमान के कारण ही विपक्ष की ओर से यह प्रस्ताव लाया गया है.
कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि इतिहास में कई ऐसे प्रसंग हैं, जो मर्यादा का पाठ पढ़ाते हैं. महाभारत में जब दुर्योधन ने द्रौपदी का चीरहरण किया, वह एक नारी का नहीं पूरी नारी जाति का चीरहरण था. उस समय के राजा धृतराष्ट्र दुर्योधन को रोकते, टोकते तो महाभारत का युद्ध नहीं होता. कुरु वंश का नाश नहीं होता. संसद में विपक्ष का माइक बंद किया जाना लोकतंत्र का वस्त्रहरण है. अगर उस दिन प्रधानमंत्री स्पीकर को कहते कि नहीं, विपक्ष का नेता है, उसको भी बोलने दिया जाए. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. हमारे एलओपी जब बोलने लगे, तब संसदीय कार्य मंत्री उधर गए कि उनको रोको. अगर ये चेयर को आदेश ना दें, तो सबकुछ सही हो सकता था. चेयर ने हमेशा ट्रेजरी बेंच की सुनी. चेयर का दायित्व खाली यही नहीं है कि सदन को चलाना है. वे हमारे राइट्स को भी देखते हैं. पंजाब में एक मेंबर चुने गए अमृतपाल सिंह, उन्हें नहीं बुलाया गया. मुझे आजतक मकान नहीं दिया गया. गेट पर कोई झगड़ा नहीं हुआ, थोड़ी दूर पर एक मेंबर गिर गया और एलओपी पर पर्चा हो गया. एलओपी का बार-बार गला दबाया जा रहा है. चेयर निष्पक्ष होना चाहिए. मुझे पिछली बार 10 मिनट बोलने को मिला, चेयर पर जगदंबिका पाल थे. आठ मिनट वही बोल गए. लोकतंत्र में माइक बंद करने से सवाल खतम नहीं होते. सदन की मर्यादा किसी व्यक्ति से बड़ी है.
आरजेडी सांसद अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव ओम बिरला के खिलाफ नहीं, उन पर बार-बार थोपे जाने वाले दबाव के खिलाफ है. आसन आज उस निष्पक्षता को खो चुका है, जिसकी कल्पना हमारे संविधान निर्माताओं ने की थी. इस संसद ने वह काला दिन भी देखा है, जब एक झटके में 140 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. विपक्ष को कुचलने के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. यहां अगर कोई सांसद किसी बात पर बोलने के लिए खड़े होते हैं, तो उधर से सीधे आ जाता है- नो, नो, नो. आज सदन की स्थिति क्या है. स्थगन प्रस्ताव जो कभी गंभीर प्रक्रिया माना जाता था, शायद ही कभी मंजूर होता हो. ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी उपयोग से बाहर हो चुका है. लोकतंत्र में विपक्ष दुश्मन नहीं होता, पहरेदार होता है.
बिहार के काराकाट से लेफ्ट के सांसद राजाराम सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि स्पीकर बार-बार यह कहते रहते हैं कि हाउस की गरिमा को बरकरार रखिए. हाउस की गरिमा है क्या. मुझे लगता है कि यहां कुछ बोला जाए तो कुछ ना कुछ हो जाता है. पीएम केअर्स फंड पर यह साफ कह दिया गया कि इस पर आप कुछ नहीं पूछेंगे. इतने बड़े फंड पर संसद की नजर ही नहीं होगी. संसद केवल सत्ता पक्ष का नहीं है. विपक्ष कई बार आपकी भावनाओं का भी प्रतिनिधित्व करता है. देश सवाल पूछ रहा था कि ईरान के मुद्दे पर रुख क्या है. कल हम ब्रिटिश के गुलाम थे, क्या आज हम अमेरिका के गुलाम हो गए. कई मामलों में हमें स्पीकर की भूमिका को जज करने की जरूरत है. छोटे दलों को वे लगातार नेगलेक्ट करते रहे हैं. यह रुख ठीक नहीं है.
झारखंड के राजमहल से जेएमएम के सांसद विजय कुमार हंसदाक ने कहा कि इस सदन में नेहरू जी के नाम के बाद अगर कोई शब्द सबसे ज्यादा बोला गया, वो नो होगा. विपक्ष के सदस्यों के बोलते समय लगातार डिसरप्शन परंपरा बन गया. विपक्षी सदस्य बोलें, तब कैमरा कहीं और रहता है. कैमरे वाले भैया का दोष नहीं मानूंगा, दोष कंट्रोलर का है. विपक्ष के लिए इरिस्पॉन्सिबल शब्द का इस्तेमाल किया गया. सारा दोष नेहरू और विपक्ष पर मढ़कर आप बच नहीं जाएंगे. दोष ट्रेजरी बेंच को दूंगा. जिस तरीके से वहां से इंस्ट्रक्शन जाते हैं, उसकी वजह से जिस तरह का व्यवहार चेयर से होना चाहिए, वह हो नहीं पाता है. 2014 में पहबली बार इस सदन में आया, तब स्पीकर सुमित्रा महाजन थीं. बहुत खुशी के साथ कह सकता हूं कि बड़ा अच्छा सदन चला. आज कह सकता हूं कि सदन की गरिमा बनाए रखने और चलाने के कस्टोडियन स्पीकर होते हैं. आज जो हो रहा है, इसका असर कई टर्म तक जाएगा. ये परंपरा खराब न हो. उसे सुधारने का काम करें. जिस तरह के आरोप महिला सांसदों पर लगे, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था कि सदन के किसी सदस्य पर ऐसा आरोप लगा हो कि उनसे खतरा है. कस्टोडियन ऐसी चीजों से बचें. सभी को समकक्ष रखते हुए बेहतर ढंग से सदन चलाएं, हम लोगों का भी सहयोग रहेगा.
टीएमसी सांसद सयानी घोष जब बोलने के लिए खड़ी हुईं, कांग्रेस के कुछ सदस्य भी अपनी सीट पर खड़े थे. सयानी घोष ने बोलना शुरू ही किया था कि चेयर से दिलीप सैकिया ने अपनी सीट पर खड़े सदस्यों से बैठने का आग्रह किया. इस पर सयानी घोष ने चेयर से यह आग्रह किया कि मेरा समय मत काटिएगा. दिलीप सैकिया ने उन्हें समय नहीं काटने का आश्वासन दिया और कहा कि ये तो आपके सहयोगी हैं. इनसे कहिए कि बैठ जाएं. चेयर की इस बात पर हंसते हुए सयानी ने कहा कि सर हमारा तो एकला चलो है, आपको पता ही है. इस पर पीठासीन भी अपनी हंसी नहीं रोक सके और ट्रेजरी बेंच से लेकर विपक्ष तक, सभी हंस पड़े. सयानी घोष ने अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि ओम बिरला से मुझे कोई निजी दुश्मनी, द्वेष नहीं है. उन्होंने कहा कि साल 2014 के पहले संसद कैसे चलती थी, मुझे तो पता नहीं क्योंकि मैं यहां थी नहीं. उन्होंने हर साल सदन चलने के आंकड़े बताए.
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यूपी की धौरहरा लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा सभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह अली खामेनेई का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हम खामेनेई को सलाम करते हैं कि उन्होंने शहादत को गले लगाना चुना, लेकिन अमेरिका के आगे घुटने नहीं टेके. आनंद भदौरिया ने सरकार पर आरोप लगाया कि आपने अमेरिका के आगे घुटने टेक दिए हैं.
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि ओम बिरला ने उन सांसदों को भी बोलने का मौका दिया, जिन्हें उनकी पार्टी ने भी बोलने का मौका नहीं दिया. कुछ लोग ऐसे हैं इस सदन में जो माइनस ट्रिपल सीसी आते हैं. उनके पास न तो सिविक सेंस हैं, ना कॉमन सेंस है और ना ही कॉन्स्टिट्यूशनल सेंस है. हम लोग जब सदन में आए, तब बताया गया कि जेब में हाथ डालकर नहीं चलना है, गैलरी में खड़ा नहीं होना है. लेकिन इनको न्यूज में रहना है. ये कोई नियम नहीं मानते. अनुराग ठाकुर ने कहा कि ये सदन रूल बुक से चलेगा, किसी सोरोस के टूलकिट से नहीं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किसी ने किया, तो वह पहला काम पंडित नेहरू ने किया. उनकी पुत्री इंदिरा ने इतने संशोधन कर डाले कि वह कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया नहीं, कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंदिरा बनकर रह गया.
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में आए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्पीकर की ओर से महिला सांसदों को लेकर सदन में दिए बयान को कोट किया और कहा कि यह गंभीर आरोप हैं. ये दुर्भाग्यपूर्ण है. इस पर आपत्ति करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आपके सांसदों ने जो स्पीकर के चैंबर में किया, दुनिया ने देखा तो आप शर्मसार हो जाएंगे. हम ओछी राजनीति नहीं करते. वेणुगोपाल की स्पीच के दौरान कई बार रिजिजू ने बोला. केसी वेणुगोपाल ने कहा कि धन्यवाद रिजिजू जी, आपने यह स्थापित कर दिया कि अविश्वास प्रस्ताव क्यों लाना पड़ा. हम मानते हैं कि ये सदन पूरे देश के लिए है, लेकिन सत्तापक्ष का मानना है कि सदन बस बीजेपी के लिए है.
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दूसरे दिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से रविशंकर प्रसाद ने डिबेट की शुरुआत की. रविशंकर प्रसाद ने अविश्वास प्रस्ताव को एक व्यक्ति के अहम की संतुष्टि के लिए लाया गया प्रस्ताव बताया और कहा कि विपक्ष के नेता पद की एक गरिमा होती है. एलओपी को उसके अनुरूप आचरण करना चाहिए. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता कभी प्रधानमंत्री के गले पड़ जाते हैं, तो कभी आंख मारने लगते हैं. बीजेपी के सांसद और पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुझे एक गाना याद आ रहा है- लड़का आंख मारे.
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राहुल गांधी ने कहा कि यह चर्चा लोकतंत्र और स्पीकर की भूमिका पर है. कई मौकों पर मेरा नाम लिया गया. हर समय हमें बोलने से रोका गया. आखिरी बार बोलते हुए मैंने प्रधानमंत्री की ओर से कॉम्प्रोमाइज का मुद्दा उठाया. सदन देश का प्रतिनिधित्व करता है. पहली बार विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिया गया.पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड. इस पर रविशंकर प्रसाद ने तपाक से कहा- नेवर... नेवर... नेवर. पीएम मोदी का भारत कभी कॉम्प्रोमाइज्ड नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इनको बेसिक समझदारी भी नहीं है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि स्पीकर ने कई बार चेयर घेरी गई, कागज फेंके गए... लेकिन वह मुस्कराते रहे.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बार-बार ये बात कही गई कि आपको किसने चुना है. संविधान ने आर्टिकल 93, 94, 95, 96 स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के बारे में है. स्पीकर-डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति होती है. वह इस्तीफा भी दे सकता है और उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी आ सकता है. संविधान सभा में बहस हुई और कहा गया कि उसे हटाने के लिए प्रक्रिया होनी चाहिए. संविधान की धारा 96 में कहा गया है कि स्पीकर के खिलाफ अगर अविश्वास प्रस्ताव है, तो वह प्रिजाइड नहीं करेंगे. संविधान की धारा 95 में ये प्रस्ताव है कि प्रॉसीजर के अनुसार जिनको प्रिजाइड करने के लिए चुना गया है, वो करेंगे. वो भी नहीं हैं, तब हाउस तय करेगा.
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर डिबेट शुरू हो गई है. बीजेपी के सांसद रविशंकर प्रसाद ने बहस की शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इतने वर्षों में केवल दूसरी बार स्पीकर के खिलाफ अविश्वास पर बहस हो रही है. स्पीकर के पद और अविश्वास को टूल नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने डॉक्टर आंबेडकर को कोट करते हुए कहा कि स्पीकर की डिग्निटी होती है. स्पीकर हाउस के प्रति जवाबदेह हैं. इस सदन ने बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं. हर बार संसद एक नई ऊंचाई पर पहुंची है. इसी सदन में 11 सांसद निकाल दिए गए और एक बार भी सदन ने विरोध नहीं किया. एक पीड़ा का अवसर था, जब इमरजेंसी लगाई गई. इसी हाउस को पांच साल की जगह छह साल कर दिया गया. कल उधर से अधिकारों की बात बहुत आ रही थी. क्या वाजपेयी, क्या आडवाणी, क्या मधु दंडवते, क्या चंद्रशेखर, सभी जेल में थे. इतनी पीड़ा इनको है, कि एक बहादुर जज एचआर खन्ना थे, जिन्होंने लोगों के मौलिक अधिकार नहीं छीने जाने का डिसेंट दिया. उनको सुपरसीड किया. जयप्रकाश नारायण मुंबई के जसलोक अस्पताल में भर्ती थे. किडनी फेल थी. धूप की सलाह डॉक्टर्स ने दी. इसके लिए हाईकोर्ट जाना पड़ा, तब एक घंटे धूप में बैठने की उनको इजाजत मिली.
लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है. सदन में लिस्टेड बिजनेस लिए जा रहे हैं. चेयर पर दिलीप सैकिया आए हैं. थोड़ी देर में सदन में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने रूस में चार भारतीय छात्रों पर हमले का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि रूस में चार भारतीय छात्रों पर छुरी से हमला हुआ है. विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक विदेशों में 350 छात्रों पर हमले की घटनाएं हुई हैं, उनमें से 200 घटनाएं सिर्फ रूस में हुई है. शक्ति सिंह गोहिल ने पश्चिम एशिया में युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़े बड़े देश अपने लोगों को यहां से निकाल रहे हैं और हमारे देश की एयरलाइंस वहां फंसे लोगों को लूट रही हैं. इतने महंगे टिकट हैं. गुजरात से हमारी सांसद अमीबेन पटेल ने मुझे फोन किया और वह रो रही थीं कि बहरीन में हमारा परिवार फंसा है. सरकार और कुछ नहीं तो पानी की व्यवस्था भी वहां करा दे.
यूपी से बीजेपी के राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान हुए प्रोटोकॉल उल्लंघन का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार यह भूल जाती है कि वह संविधान की शपथ लेकर सत्ता में बैठी है. विशेष संवैधानिक जवाबदेही अधिनियम जैसा कानून बनाया जाना चाहिए. ऐसे राज्यों की सरकार के खिलाफ अनुच्छेद 356 के तहत कार्रवाई शुरू करना चाहिए, आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए. आज बंगाल को माफ किया गया, तो अन्य राज्यों की सरकारें भी इसी राह पर चलेंगी.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बसों के बॉडी मेकर्स का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बस बॉडी के निर्माण से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा है. बसों में आग लगने की कुछ घटनाएं आई हैं. इसके बाद सरकार ने बसों की सुरक्षा से जुड़े नियम सख्त किए हैं जिससे लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है. बस बॉडी मेकर्स का कहना है कि उनको सुरक्षा नियमों का पालन करने में कोई आपत्ति नहीं है. सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाना चाहिए, लेकिन यह प्रक्रिया इतनी खर्चीली है. प्रक्रिया को थोड़ा सरल किया जाना चाहिए. संजय सिंह ने कहा कि केवल प्राइवेट बस बॉडी मेकर्स की बनाई बसें ही नहीं, बड़ी-बड़ी कंपनियों की बनाई बसें भी जलती हैं. सुरक्षा मानकों से कोई समझौता किए बिना प्राइवेट बस बॉडी मेकर्स की समस्याओं का भी खयाल रखा जाए.
लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं चल सकी. लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. पीठासीन दिलीप सैकिया ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी कर रहे सदस्यों से अपनी सीट पर जाने, सदन चलने देने की अपील की. इसका कोई असर नहीं हुआ और हंगामा जारी रहा. इसके बाद पीठासीन ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
संसद के चालू बजट सत्र के दूसरे हाफ के तीसरे दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रोटेस्ट किया. विपक्षी सांसदों के प्रोटेस्ट में केरल के वायनाड से कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी भी शामिल हुईं. प्रोटेस्ट कर रहे सांसदों ने देशभर में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए नारेबाजी की.
लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही चल रही है. प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य वेगल में आ गए हैं और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी है. हंगामे के बीच ही रेल मंत्री अश्विन वैष्णव रेल मंत्रालय से संबंधित प्रश्नों के जवाब दे रहे हैं. आसन पर असम से बीजेपी के सांसद और असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया हैं. दिलीप सैकिया ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीट पर जाने, प्रश्नकाल चलने देने की अपील की है. हालांकि, पीठासीन की इस अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ और नारेबाजी-हंगामा जारी है.
लोकसभा और राज्यसभा, संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है. लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही चल रही है. वहीं, राज्यसभा में लिस्टेड बिजनेस लिए जाने के बाद अब शून्यकाल चल रहा है. लोकसभा में चेयर पर दिलीप सैकिया आए हैं. प्रश्नकाल के दौरान रेल मंत्रालय से संबंधित प्रश्न पूछे जा रहे हैं.