भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने म्यांमार के समकक्ष से बुधवार को मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान डोभाल ने म्यांमार को सरकार का सख्त संदेश दे दिया.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बिम्सटेक (BIMSTEC) के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की पांचवीं बैठक के इतर म्यांमार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यू टिन आंग सान से मुलाकात की. दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भारत-म्यांमार के बीच सुरक्षा सहयोग की समीक्षा की और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की. इस बातचीत का विशेष फोकस भारत-म्यांमार सीमा की मौजूदा स्थिति पर रहा.
सूत्रों के अनुसार, भारत ने साफ संदेश दिया कि म्यांमार की धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किसी भी हाल में नहीं होने दिया जाना चाहिए. यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत को म्यांमार के रास्ते सक्रिय उग्रवादी संगठनों, हथियारों की तस्करी और सीमा पार घुसपैठ को लेकर गंभीर चिंताएं हैं.
दोनों देशों के इन बड़े अधिकारियों ने बॉर्डर की सुरक्षा, आपस में मिलिट्री सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. बिम्सटेक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की इस बैठक का इस्तेमाल भारत अपने पूर्वी पड़ोसी देशों के साथ आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर खतरों और सीमा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर बेहतर समन्वय और सहयोग बढ़ाने के लिए कर रहा है.
बता दें कि म्यांमार के साथ भारत की लगभग 1,643 किलोमीटर लंबी खुली सीमा लगती है, जो नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर और मिजोरम से सटी हुई है.
मंजीत नेगी