नवरात्रि और दीपावली के त्योहारों को देखते हुए FSSAI ने देशभर में खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. FSSAI ने 29 सितंबर 2026 को जारी आदेश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को त्योहारों के दौरान खाने-पीने की चीजों की कड़ी निगरानी और कार्रवाई तेज करने को कहा है.
आथॉरिटी के अनुसार, त्योहारों के दौरान मिठाइयों, नमकीन, पेय पदार्थों, इडेबल ऑयल और दूध एवं दूध से बने उत्पादों की मांग में काफी बढ़ोतरी होती है. ऐसे समय में मिलावटी, नकली और असुरक्षित खाने-पीने की चीजों की बिक्री का खतरा भी बढ़ जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यों को विशेष फेस्टिव ड्राइव चलाने के निर्देश दिए गए हैं.
अभियान के तहत दूध और दूध से बने उत्पाद, मिठाइयां, स्नैक्स और नमकीन, पैकेज्ड फूड, इडेबल ऑयल, पेय पदार्थ और घी जैसे उत्पादों पर खास नजर रखी जाएगी. स्थानीय खान-पान और मिलावट की संभावित घटनाओं को देखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी का दायरा तय किया जा सकता है. आदेश में उत्तर और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में इस्तेमाल होने वाले कुट्टू और सिंघाड़े के आटे जैसे खाद्य पदार्थों का भी खास तौर पर उल्लेख किया गया है.
जांच बढ़ाने के दिए निर्देश
FSSAI ने अधिकारियों से त्योहारों के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में जांच और खाने-पीने की चीजों के सैंपल की जांच बढ़ाने को कहा है. कार्रवाई के लिए खास तौर पर चिन्हित हॉटस्पॉट और संवेदनशील स्थानों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अलावा, जहां उपलब्ध हों, वहां Food Safety on Wheels (FSW) मोबाइल खाद्य जांच वाहनों को प्रमुख बाजारों और जरूरत के अनुसार तैनात करने को कहा गया है. इन वाहनों के जरिए मौके पर जांच की सुविधा बढ़ाने और लोगों में सुरक्षित एवं अच्छी गुणवत्ता वाली खाने-पीने की चीजों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया है. आथॉरिटी ने जांच, सैंपल लेने और उनके नतीजों से जुड़े आंकड़ों को FoSCoS/FoSCoRIS पर तुरंत अपडेट करने को भी जरूरी बताया है. FSSAI ने इस पूरे अभियान को 'MOST IMPORTANT' बताते हुए राज्यों और संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
आशुतोष मिश्रा