जून का दूसरा हफ्ता शुरू होते ही देश में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है और केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर भारत समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है. वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी और लू का प्रकोप अभी भी बरकरार है.
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 14 जून तक देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा. कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में 11 जून तक तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिसके कारण लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में अभी जारी रहेगी लू
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 11 जून तक लू चलने की संभावना जताई गई है. इन इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है. हालांकि 11 जून के बाद पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में 13 और 14 जून को गरज-चमक के साथ बारिश तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इससे लंबे समय से पड़ रही गर्मी से राहत मिल सकती है.
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी मौसम बदलेगा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून तक लू का असर बना रहेगा. इसके बाद 10 से 14 जून के बीच कई इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 9 और 10 जून को हीटवेव का असर देखने को मिल सकता है, लेकिन 11 जून से मौसम करवट लेना शुरू कर देगा.
राजस्थान में भी मौसम दो हिस्सों में बंटा रहेगा. पश्चिमी राजस्थान में 11 जून तक लू चलने का अनुमान है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 14 जून तक कई स्थानों पर बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. 13 और 14 जून को राजस्थान के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा.
हिमालयी राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पूरे सप्ताह मौसम सक्रिय बना रहेगा. इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. 11 और 12 जून को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक जलभराव जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मध्य भारत में आंधी-तूफान के साथ बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 और 11 जून को हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. वहीं 12 जून तक कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.
छत्तीसगढ़ में 11 और 12 जून को मौसम सबसे ज्यादा उग्र रहने की संभावना है. यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
बिहार, झारखंड और बंगाल में तूफानी मौसम
पूर्वी भारत में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. बिहार में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश के साथ तेज आंधी-तूफान आ सकता है. कई इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. झारखंड में 11 और 12 जून को इसी तरह की स्थिति बन सकती है.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 और 9 जून को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 10 से 13 जून तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. इससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है.
पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 जून तक व्यापक बारिश होने की संभावना है.
असम और मेघालय में कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है. अरुणाचल प्रदेश में भी 9 जून से बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है. लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है.
महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में बढ़ेगी बारिश
पश्चिमी भारत में मॉनसून की गतिविधियां धीरे-धीरे मजबूत हो रही हैं. कोंकण और गोवा में 10 जून तक व्यापक बारिश होने की संभावना है. 9 जून को कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में 12 जून के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं.
दक्षिण भारत में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय
केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है. केरल और तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.
तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इससे किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
तापमान में कब मिलेगी राहत?
मौसम विभाग के अनुसार 11 जून तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में बढ़ोतरी जारी रह सकती है. इसके बाद बारिश और बादलों की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी. महाराष्ट्र में 9 जून तक तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है.
हीटवेव और उमस से सावधान
मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. वहीं ओडिशा, कोंकण-गोवा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है.
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