कॉकरोच पार्टी से दूरी बनाते दिखे मनोज झा, बोले- प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए सिर्फ सिफारिश पत्र दिया था

आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए सिर्फ सिफारिश पत्र दिया था. इस अभियान से उनका कोई संबंध नहीं और विचारधारा में स्पष्टता की कमी है.

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कॉकरोच पार्टी पर बोले मनोज झा (File Photo: ITG) कॉकरोच पार्टी पर बोले मनोज झा (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:51 AM IST

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को एक सिफारिश पत्र जारी किया था, लेकिन इस कैंपेन से उनका कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि इसमें 'वैचारिक स्पष्टता की कमी' है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज झा ने कहा कि उन्होंने बुधवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के अधिकारियों को पत्र लिखकर पत्रकार सौरव दास को जगह देने की गुजारिश की थी. सौरव 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के मुख्य प्रवक्ता हैं और उन्होंने मदद के लिए मनोज झा से संपर्क किया था.

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सौरव दास ने कहा कि उन्होंने मनोज झा से संपर्क किया था क्योंकि वे सिर्फ एक सांसद ही ऐसी सिफ़ारिश कर सकते थे.

6 जून को सीजेपी का प्रोटेस्ट

यह विवाद ऐसे वक्त में सामने आया है, जब इस बात को लेकर काफी उत्सुकता है कि क्या CJP को विपक्ष से कोई राजनीतिक समर्थन मिल रहा है. CJP शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 जून को विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रही है.

सोशल मीडिया पर मनोज झा का रिकमेंडेशन लेटर सामने आने और कुछ बीजेपी नेताओं द्वारा उसे शेयर किया गया. इसके बाद, राज्यसभा में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे मनोज झा ने कहा कि एक सांसद के तौर पर वे अक्सर सिविल सोसाइटी संगठनों और यहां तक ​​कि पत्रकारों को भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने में मदद करते हैं.

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मनोज झा ने पत्रकारों से कहा, "यह लेटर एक ऐसे पत्रकार से जुड़ा है, जिनसे मैं सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा था. उन्होंने और दिल्ली यूनिवर्सिटी के मेरे कुछ सीनियर साथियों ने मुझे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में बताया, जो वे आयोजित करना चाहते थे. बस इतनी ही बात है."

CJP ने बुधवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

'मैंने पहले भी लोगों की मदद की है...'

मनोज झा ने कहा कि अगर कोई कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के सदस्य के तौर पर उनके रिकॉर्ड को देखे, तो पाएगा कि उन्होंने कई सिविल सोसाइटी संगठनों को इसी तरह की मदद दी है, जिनमें रिक्शा चालकों, ऑटो ड्राइवरों, घरेलू कामगारों और कई अन्य लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह शामिल हैं.

उन्होंने आगे कहा, "लोग मदद के लिए मेरे पास आते हैं और मैं उनकी मदद करने की कोशिश करता हूं. मेरा मानना ​​है कि इस मामले को इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए. मैंने शरद यादव जी की याद में आयोजित कार्यक्रमों के लिए भी सिफारिशें दी हैं. पत्रकार अक्सर अपने परिवारों में शादियों के दौरान रहने की जगह के लिए सिफारिशें मांगते हैं. हमें करीब हर दिन रेलवे रिजर्वेशन से जुड़ी रिक्वेस्ट भी मिलती हैं, जिनमें पत्रकारों की रिक्वेस्ट भी शामिल होती हैं और अक्सर एम्स में इलाज के लिए सिफारिश पत्र की मांग भी की जाती है."

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सौरव दास ने सोशल मीडिया पर यह भी साफ किया कि मनोज झा या किसी अन्य राजनेता का सीजेपी से कोई लेना-देना नहीं है.

यह भी पढ़ें: सौरभ दास , विजेता दहिया और आशुतोष रांका... कॉकरोच जनता पार्टी के तीन प्रवक्ता कौन हैं?

सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं कि राज्यसभा सांसद प्रो. मनोज झा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) को स्पॉन्सर करते हैं. पूरी पारदर्शिता के लिए, मुझे यह साफ करना होगा कि मेरी ही गुजारिश पर उन्होंने एक जरूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए जगह दिलाने के लिए सिफारिश पत्र दिया था, क्योंकि केवल एक सांसद ही ऐसी सिफारिश कर सकता है. प्रो. झा एक जाने-माने शिक्षाविद हैं और यह स्वाभाविक था कि मैं उनसे संपर्क करूं क्योंकि वे मुझे और मेरे काम को अच्छी तरह जानते थे. इस तरह जोड़कर देखना गुमराह करने वाला है और इसे नजरअंदाज किया जाना चाहिए."

सीजेपी को लेकर सवाल पूछे जाने पर मनोज झा ने कहा कि वे ऐसे अभियानों या आंदोलनों पर टिप्पणी नहीं करना पसंद करते, जिनमें समानता, सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता को लेकर वैचारिक स्पष्टता की कमी हो.

उन्होंने कहा, "मैंने 2012 या 2013 में, उस पुराने आंदोलन ('इंडिया अगेंस्ट करप्शन') के वक्त भी यही बात कही थी. मैं इस तरह के आंदोलनों पर टिप्पणी नहीं करता, जिनकी विचारधारा में स्पष्टता की कमी हो."

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