मणिपुर में हिंसा अभी भी थम नहीं रही है. ताजा मामला मंगलवार का है, जब भारतीय डाक सेवा की एक मेल वैन को कुछ अज्ञात बदमाशों ने बीच रास्ते में रोक लिया और उखरुल जिले में नेशनल हाईवे-202 पर 35 डाक बैगों में आग लगा दी.
इस वैन में पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य डाक सामग्री थी. यह घटना शांगकाई गांव के पास हुई, जब मेल वैन इंफाल से उखरुल, सोमदल और कमजोंग जिलों के लिए डाक सामग्री लेकर जा रही थी.
वरिष्ठ डाक सहायक मोइरांगथेम नबाचंद्र ने बताया कि सुरक्षा काफिले के साथ जा रही मेल वैन को हथियारबंद बदमाशों ने रोका. बदमाश ड्राइवर को बंदूक की नोक पर बंधक बनाकर वाहन को पास की एक पहाड़ी पर ले गए, जहां सभी डाक बैगों को आग के हवाले कर दिया गया.
खाक हुए डाक सामग्री में 23 पार्सल बैग, दो स्पीड पोस्ट बैग, तीन साधारण डाक बैग और दो पंजीकृत पार्सल बैग शामिल थे. सोमदल और कमजोंग के लिए भेजी गई डाक सामग्री में एक पार्सल बैग, दो स्पीड पोस्ट बैग और एक साधारण डाक बैग भी जलकर नष्ट हो गए.
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि जली हुई डाक सामग्री में एटीएम कार्ड, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पत्र और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएं शामिल थीं. आगजनी की घटना के बाद डाक सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं.
इस मामले में लितान पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है. इस घटना के विरोध में इंफाल के प्रधान डाकघर के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और आगजनी की कड़ी निंदा की.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में हाल के दिनों में कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. हाल ही में एक कुकी नागरिक संगठन ने उखरुल, कमजोंग और कांगपोकपी जिलों के 14 कुकी-जो गांवों में काउंटर-आर्थिक नाकेबंदी और संस्थानों को बंद रखने का अपील की थी.
हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि अब तक इस हमले की किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है. हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है
बेबी शिरीन