मणिपुर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. पिछले 48 घंटों में अलग अलग प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. इस दौरान हथियार, गोला बारूद, विस्फोटक सामग्री और लैंडमाइन भी बरामद किए गए हैं. यह पूरी कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर मणिपुर के अलग अलग इलाकों में की गई. गिरफ्तार लोगों पर जबरन वसूली, अपहरण और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है.
गिरफ्तार किए गए 12 लोगों में सोरेपा के दो, केवाईकेएल का एक, यूपीपीके के छह सदस्य शामिल हैं जिनमें एक नाबालिग भी है. इसके अलावा आरपीएफ पीएलए के दो और प्रीपाक का एक सदस्य भी पकड़ा गया है.
24 अगस्त को 28 असम राइफल्स और इम्फाल पूर्व जिला कमांडो की संयुक्त टीम ने सोरेपा के दो सदस्यों को इम्फाल पूर्व से गिरफ्तार किया. यह दोनों पैसे वसूलने के लिए आ रहे थे और उनके पास हाथ से लिखी वसूली की पर्ची मिली, जिस पर मोबाइल नंबर और संगठन का नाम लिखा था.
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बाकी 10 गिरफ्तारियां मंगलवार को अलग अलग जगहों से हुईं. केवाईकेएल के सदस्य को थौबाल जिले के खंगाबोक गांव से पकड़ा गया. यूपीपीके के छह सदस्यों को इम्फाल पूर्व के अलग अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया. इन सबसे प्रतिबंधित संगठन के 23 लेटर हेड भी बरामद हुए हैं.
प्रीपाक के सक्रिय सदस्य लेम्बा मुतुम को म्यांमार सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया. उसके पास से एक इंसास राइफल, 60 जिंदा कारतूस और चार मैगजीन बरामद हुई. आरपीएफ पीएलए के दो सदस्यों को इम्फाल पश्चिम और बिष्णुपुर से पकड़ा गया.
चुराचांदपुर जिले में भी दो दिन तक चले तलाशी अभियान में सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक मिले हैं. इनमें मोर्टार, रॉकेट, लैंडमाइन, डेटोनेटर और बुलेटप्रूफ जैकेट जैसी सामग्री शामिल है. यह बरामदगी मणिपुर के पहाड़ी जिलों में जारी सुरक्षा अभियानों के बीच हुई है.
बेबी शिरीन