मोरबी हादसे के बाद सतर्क हुई बंगाल की ममता बनर्जी सरकार, सभी पुलों की जांच का फैसला

मोरबी में हुए हादसे से सबक लेते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने राज्य में सभी पुलों की जांच का फैसला किया है. राज्य के पीडब्लूडी मंत्री पुलक राय ने एक बैठक के बाद बताया कि मोरबी हादसे के बाद हमने राज्य के सभी 2109 पुलों की जांच का फैसला किया है और इसी महीने से इन पुलों की जांच शुरू होगी.

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ममता बनर्जी ममता बनर्जी

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 02 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST

गुजरात के मोरबी में ब्रिज हादसे के बाद इससे सबक लेते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने राज्य में सभी पुलों की जांच का फैसला किया है. राज्य के पीडब्लूडी मंत्री पुलक राय ने एक बैठक के बाद बताया कि मोरबी हादसे के बाद हमने राज्य के सभी 2109 पुलों की जांच का फैसला किया है और इसी महीने से इन पुलों की जांच शुरू होगी. इस बैठक में मंत्री के अलावा विभाग के आला अधिकारी और इंजीनीयर शामिल थे. सभी इंजीनियर्स को कहा गया है कि इस महीने के अंत तक सभी पुलों की जांच कर रिपोर्ट सौंपें और कहीं किसी पुल में कमी है और मरम्मत की जरूरत है तो उस काम को भी तुरंत पूरा किया जाए. इनमें से ज्यादातर पुल राज्य में ग्रामीण और जंगल इलाको में हैं और काफी पुराने भी हैं. 

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मीटिंग के दौरान कुछ पुलों की तुरंत मरम्मत का जिक्र भी किया गया है.  सिलीगुड़ी के प्रसिद्ध कोरोनेशन ब्रिज की तुरंत मरम्मत का फैसला हुआ है. इसके अलावा कांग्सावती नदी पर बने पुल की भी तुरंत मरम्मत का निर्णय लिया गया है. वहीं कुछ नए पुलों के निर्माण का फैसला भी किया गया है. मंत्री पुलक राय के मुताबिक गुजरात में ब्रिज हादसा देखने के बाद ही राज्य में पुलों की जांच तय की गई है.

गौरतलब है कि गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बने केबल ब्रिज के टूट जाने से 134 लोगों की मौत हो चुकी है. इस भयानक हादसे में किसी ने अपना बेटा तो किसी ने पत्नी खो दी. यही नहीं, कुछ परिवार तो पूरे के पूरे खत्म हो गए. अभी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की है. उन्होंने ब्रिज के टूटने के बाद एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें उनकी कैबिनेट के मंत्री, सांसद, विधायक और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल थे.

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इस दौरान स्थिति की समीक्षा की गई. घटना की जांच के लिए एसआईटी की पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. गुजरात सरकार ने हादसे की जांच के लिए 5 लोगों की SIT का गठन कर दिया है, जिसमें म्युनिसिपल कारपोरेशन के एक IAS अधिकारी, एक क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर और 3 अन्य आधिकारी शामिल रहेंगे. इसके अलावा CID की एक टीम भी इसकी जांच करेगी. 

हादसे के बाद गुजरात सरकार की तरफ से मृतकों के परिवार के लिए 4 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया है.

 

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