संसद से निष्कासित हुई Mahua Moitra के पास अब क्या रास्ते बचे हैं?

लोकसभा में दोबारा कैसे होगी Mahua Moitra की एंट्री, बीजेपी के केन्द्रीय पर्यवेक्षक सीएम पद को लेकर विधायकों के साथ करेंगे बैठक और पीरियड्स में ली जाने वाली दवा को लेकर सरकार ने क्या चिंता जताई, सुनिए 'दिन भर' में.

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चेतना काला

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  • 08 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 8:34 PM IST

कैश-फॉर-क्वेरी मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता आज खत्म हो गई है. लोकसभा में आज एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पेश हुई. जिसे लेकर पक्ष - विपक्ष के सांसदों में बहस हुई. काँग्रेस एमपी मनीष तिवारी ने शिकायती लहज़े में कहा कि उन्हें एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट बहुत देरी से मिली. सारा वाद - विवाद निपटने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला मे वोटिंग करवाई. हालांकि महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने के लिए सदन में वोटिंग शुरू होते ही विपक्ष ने बॉयकॉट कर दिया. लेकिन वोटिंग के बाद लोकसभा स्पीकर ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ निष्कासन प्रस्ताव पास कर दिया. निष्कासन के बाद महुआ बोली कि एथिक्स कमेटी के पास निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं है..ये बीजेपी के अंत की शुरुआत है. वहीं  टीएमसी अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैं महुआ मोइत्रा परिस्थितियों की शिकार हुई हैं.  मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं...हमारी पार्टी महुआ से साथ है. लोकसभा की तस्वीर को विस्तार से, सुनिए 'दिन भर' में. 

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बीजेपी ने छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों या अंग्रेज़ी में कहें तो, सेंट्रल ऑब्जर्वर के नाम घोषित कर दिए हैं. छत्तीसगढ़ में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल और पार्टी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम, इस टीम में शामिल हैं. तीनों जन कल तक रायपुर पहुंचेंगे. वहीं, मध्यप्रदेश के पर्यवेक्षकों में शामिल हैं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. लक्ष्मण और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आशा लकड़ा. और राजस्थान के लिए भाजपा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावडे की नियुक्ति की है. राजस्थान में कहा जा रहा है कि 10 दिसंबर को विधायक दल की बैठक हो सकती है.
ये पर्यवेक्षक अपने - अपने राज्यों में जाकर आगे का काम किस तरह करने वाले हैं, पार्टी ने इन्हें क्या रोडमैप सौंपा है, सुनिए 'दिन भर' में. 

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पीरियड्स के वक्त अगर आप या आपके घर में रहने वाली महिलाएं पेन किलर के तौर पर Meftals नाम की दवा लेती हैं, तो ये खबर आपको ज़रूर सुननी चाहिए. भारत के फार्माकोपिया आयोग या IPC ने मेफ्टाल को लेकर सुरक्षा चेतावनी जारी है.  IPC ने कहा है कि meftal में एक mefenamic acid मौजूद होता है और ये बिल्कुल भी सेफ नहीं है. फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया यानि PVPI ने  मेफ्टाल के साइड इफेक्ट्स पर रिसर्च की. और उन्होंने ये पाया कि इस दवा के सेवन से  DRESS सिंड्रोम की समस्या हो सकती है. इस सिन्ड्रोम के बारे में हम आपको विस्तार से बताएंगे. मेफेनैमिक एसिड से बनी दवा मेफ्टाल, लड़कियों के पीरियड्स के अलावा, गठिया, हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोआर्थराइटिस,  सामान्य दर्द, सूजन, बुखार और दांत दर्द के इलाज के लिए भी इस्तेमाल की जाती है. अलर्ट में आगे कहा गया कि अगर दवा खाने से आपको किसी तरह का रिएक्शन नजर आता है तो आप वेबसाइट www.ipc.gov.in पर जाकर सहायता ले सकते हैं. तो DRESS Syndrome के बारे में बताएं. ये कितना कन्सर्निंग है, सुनिए 'दिन भर' में. 

 

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