दिल्ली में कल से भारत-बांग्लादेश के बीच बैठक! घुसपैठ और सीमा सुरक्षा पर होगी चर्चा

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा, घुसपैठ रोकने और सीमा पार अपराधों पर लगाम लगाने को लेकर नई दिल्ली में चार दिवसीय उच्चस्तरीय वार्ता शुरू होने जा रही है. BSF और BGB के महानिदेशक स्तर की इस बैठक में फेंसिंग परियोजनाओं, तस्करी, अवैध निर्माण, उग्रवादी गतिविधियों और सीमा प्रबंधन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.

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बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार (L) और बीजीबी के महानिदेशक मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी. (Photo: PTI) बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार (L) और बीजीबी के महानिदेशक मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी. (Photo: PTI)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 07 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:29 AM IST

भारत और बांग्लादेश के बीच बॉर्डर सिक्योरिटी और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के महानिदेशक (DG) स्तर की 57वीं बॉर्डर कोऑर्डिनेशन मीट 8 से 11 जून तक नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी. यह सम्मेलन दिल्ली के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित BSF मुख्यालय में होगा.

बैठक में बांग्लादेश का प्रतिनिधिमंडल BGB प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी के नेतृत्व में हिस्सा लेगा, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व BSF महानिदेशक प्रवीण कुमार करेंगे. इस साल फरवरी में बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच यह पहली उच्चस्तरीय बैठक होगी. इससे पहले DG स्तर की वार्ता अगस्त 2025 में ढाका में हुई थी.

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सम्मेलन में भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ, तस्करी, सीमा पार अपराधों पर रोक, बांग्लादेशी अपराधियों की भारत में घुसपैठ, सीमा पर बाड़ (फेंसिंग) को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं और लंबित फेंसिंग परियोजनाओं की प्रगति जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी. सूत्रों के अनुसार भारत की ओर से बांग्लादेश की जमीन से सक्रिय भारतीय विद्रोही और उग्रवादी संगठनों (IIGs) की गतिविधियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा.

यह भी पढ़ें: त्रिपुरा बॉर्डर पर अमित शाह का बड़ा एक्शन... भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा के लिए नया प्लान, 5 साल के लैंड रिकॉर्ड की होगी गहन जांच

इसके अलावा सीमा पर अवैध निर्माण, बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर, संदिग्ध गतिविधियों और दोनों देशों के बीच विश्वास निर्माण के उपायों (CBM) पर भी बातचीत होगी. अधिकारियों के मुताबिक भारत और बांग्लादेश के बीच 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है. इसमें करीब 860 किलोमीटर हिस्सा अब भी बिना फेंसिंग के है. नदी क्षेत्रों और सुंदरबन जैसे दुर्गम इलाकों में भौगोलिक चुनौतियों के कारण फेंसिंग का काम पूरा नहीं हो सका है.

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वहीं, बांग्लादेशी पक्ष सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों की हत्या के मुद्दे को उठा सकता है. हालांकि भारत पहले भी इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि BSF के जवान आत्मरक्षा में तय नियमों के तहत ही कार्रवाई करते हैं. वर्ष 1975 में शुरू हुई यह DG स्तर की वार्ता 1993 से साल में दो बार आयोजित की जा रही है. यह बैठक बारी-बारी से नई दिल्ली और ढाका में होती है. दोनों देशों का उद्देश्य बॉर्डर मैनेजमेंट को बेहतर बनाना और सीमा पार अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है.

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