बैक-टू-बैक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण आज से बदलेगा मौसम, वीकेंड तक कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कश्मीर घाटी, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 से 25 जनवरी तक भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, सूखे शीतकाल की वजह से हिमालयी जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं.

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हिमालय में भारी बर्फबारी की आशंका. (File Photo- PTI) हिमालय में भारी बर्फबारी की आशंका. (File Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:56 AM IST

उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ एक साथ दस्तक दे रहे हैं, जिससे गुरुवार को हिमालयी क्षेत्रों- कश्मीर घाटी, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है. इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में कोहरा और बादल छाए रहने का अनुमान है.

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IMD के अनुसार, 22 जनवरी से मौसम की गतिविधियां तेज होंगी. कश्मीर घाटी में 22 और 23 जनवरी को अलग-अलग जगहों पर भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में 22-23 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश होने की उम्मीद है जो 24 जनवरी तक व्यापक रूप ले लेगी.

उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने शुक्रवार 23 जनवरी के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है. वहीं देहरादून, टिहरी और नैनीताल जैसे जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है. शासन ने आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. फिसलन वाले रास्तों पर नमक और चूने का छिड़काव करने, सड़कों पर मशीनें तैनात करने और जरूरतमंदों के लिए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है.

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मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड में 22 जनवरी से हुई बारिश शुरू होगी जो 23 से 25 जनवरी तक तेज और व्यापक हो जाएगी. पहाड़ी जिलों में बर्फ जमा होने से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

दिल्ली-NCR में बारिश की चेतावनी

IMD ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ों से लेकर दिल्ली-NCR तक देखने को मिलेगा. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 22 से 25 जनवरी के दौरान बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है. दिल्ली में मौसम बदलाव के साथ कोहरा बढ़ेगा और न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन उसके बाद फिर ठंड लौट सकती है.

हिमालय में जलवायु संकट?

वहीं, इंडिया टुडे आजतक द्वारा सैटेलाइट डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि इस साल हिमालयी क्षेत्रों में असामान्य रूप से सूखा शीतकाल रहा है, जिसके कारण उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं.

सैटेलाइट डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में इस सीजन (एक दिसंबर से 20 जनवरी) में आग लगने की घटनाओं में 6,092 की भारी बढ़ोतरी हुई है.

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विशेषज्ञों का मानना है कि बर्फबारी और बारिश की कमी ने जंगलों को सूखे ईंधन में बदल दिया है, जिससे सर्दियों में भी वनाग्नि की तीव्रता बढ़ी है.

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