विदेशी चंदे को लेकर आज संसद में विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) पर JPC की पहली बैठक हुई. इसमें गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि संशोधन लाने का मकसद कानूनी और कामकाज से जुड़ी कमियों को दूर करना और विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता को और मजबूत करना है.
गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गृह सचिव गोविंद मोहन FCRA (संशोधन) बिल की जांच कर रही JPC के सामने पेश हुई. बता दें, इस JPC की अध्यक्षता बीजेपी सांसद संजय जायसवाल कर रहे हैं. आज यह बैठक लगभग 3 घंटे से ज्यादा समय तक चली.
ब्रिफिंग के दौरान, गृह मंत्रालय ने समिति को बताया कि पिछले दशक में FCRA के तहत रजिस्टर्ड NGO की संख्या लगभग आधी हो गई है. साथ ही, रजिस्टर्ड संगठनों को मिलने वाले विदेशी चंदे की मात्रा ₹17,832 करोड़ से बढ़कर ₹22,974 करोड़ हो गई है.
अमेरिका से मिला ₹12,113 करोड़ विदेशी चंदा
सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने वर्ष 2024-25 में भारत को ₹22,974 करोड़ का विदेशी चंदा मिला. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका से आया. अमेरिका से ₹12,113 करोड़, यानी कुल आवक का करीब 53% विदेशी चंदा मिला. इसके बाद ब्रिटेन से ₹2,414 करोड़ यानी 10.5% का विदेशी चंदा मिला. जर्मनी, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर भी बड़े स्रोतों में शामिल रहे.
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विदेशी चंदे का 30% शिक्षा पर खर्च हुआ
गृह मंत्रालय के मुताबिक, विदेशी चंदे का लगभग 57% यानी करीब ₹13,071 करोड़ सामाजिक गतिविधियों में लगाया गया. वहीं, 30% यानी ₹6,933 करोड़ शिक्षा पर खर्च किया गया. धार्मिक कामों के लिए करीब ₹1,841 करोड़ यानी लगभग 8% विदेशी चंदा मिला.
संसदीय समिति के साथ साझा किए गए आंकड़ों से पता चला कि धार्मिक कामों के लिए मिले विदेशी चंदे में ईसाई संगठनों की हिस्सेदारी 73.05% थी. हिंदू संगठनों की हिस्सेदारी 17.81% और मुस्लिम संगठनों की 1% से थोड़ी ज्यादा थी.
संशोधनों का मकसद विदेशी चंदे में पारदर्शिता लाना
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने समिति के सामने ज़ोर देकर कहा कि प्रस्तावित संशोधनों का मकसद कमियों को दूर करना, विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता लाना और नियमों का पालन बेहतर करना है. अधिकारियों की ओर से बताया गया कि मौजूदा कानून को लागू करने के दौरान कई कानूनी और ऑपरेशनल कमियां सामने आई. जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित बदलावों से इन्हें दूर करने की कोशिश की जाएगी.
JPC की अध्यक्षता कर रहे BJP सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि यह बैठक अच्छे तालमेल के साथ हुई और सभी सदस्यों ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों से अपने सवाल पूछे.
जायसवाल ने कहा, "हमारा मकसद शीतकालीन सत्र से पहले अपनी रिपोर्ट सौंपना है. हमें भरोसा है कि हम उस लक्ष्य को पूरा कर पाएंगे." बैठक के दौरान BJP सांसद निशिकांत दुबे ने फोर्ड फाउंडेशन और रॉकफेलर फाउंडेशन विदेशी फाउंडेशनों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए.
पीयूष मिश्रा