दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है. सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन गिरफ्तार कर SEM कोर्ट में पेश किया गया, सौरव दास, आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इससे पहले पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ कथित तौर पर बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में FIR दर्ज की थी.
कॉकरोच जनता पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी थी. जंतर-मंतर को हाल ही में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है. मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और सीजेपी के कुछ अन्य सदस्यों को निषेधाज्ञा का कथित उल्लंघन कर क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद हिरासत में लिया गया था. संगठन का दावा है कि उसके करीब 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया.
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर रामलीला मैदान को धरने प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाने की मांग की है. उन्होंने कहना है कि रामलीला मैदान में धरने प्रदर्शन से दिल्ली 6 के होलसेल बाजारों का कारोबार प्रभावित होगा.
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है. रत्ना सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में झूठा दावा किया कि जंतर-मंतर पर दूसरे प्रदर्शनकारियों को बुलाया गया था. उन्होंने दिल्ली पुलिस के दावे को खारिज किया है.
पुलिस ने 5 हजार का पीस बॉन्ड भरवाकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अजिंक्य शिंदे को रिहा कर दिया है. 6 महीने अशांति न फैलाने की शर्त पर SEM कोर्ट ने अजिंक्य शिंदे को रिहाई दी है.
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उनका और INDIA ब्लॉक का एक ही मकसद है. दिपके ने कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' एक स्वतंत्र संस्था है और हमेशा रहेगी. उन्होंने साफ कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी INDIA ब्लॉक के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि दोनों के आंदोलन का मकसद एक ही है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सवाल किया, 'क्या तिरंगा लहराना भी जुर्म हो गया?'
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना की है. उन्होंने भी सवाल किया कि उनका गुनाह क्या था?
कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल भेजे जाने पर सवाल उठाया है. उन्होंने सवाल किया है कि दोनों का गुनाह क्या था? उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, 'आशु और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उनकी गलती? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना.'
पुलिस के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका ने भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का दोबारा उल्लंघन किया है. पुलिस ने उन्हें रिपीट ऑफेंडर बताते हुए उनके पिछले आचरण का हवाला दिया.
पुलिस ने बताया कि दोनों ने बेल बॉन्ड की शर्तों को तोड़ा है, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है.
(इनपुट- अरविंद ओझा और अमित भारद्वाज)
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अंजिक्य शिंदे को पुलिस ने बॉन्ड भरवाने के बाद रिहा कर दिया है. वहीं, सौरव दास और आशुतोष रांका को बेल बॉन्ड की शर्तें तोड़ने के जुर्म में पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है.
(इनपुट- अरविंद ओझा और अमित भारद्वाज)
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जिस तरह सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है उसमें वह कभी कामयाब नहीं होगी. CJP ने कहा कि यह आंदोलन लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है. CJP ने लिखा, 'लोकतंत्र और संविधान के साथ किसी को भी छेड़छाड़ करने नहीं दी जाएगी.'
SEM कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है. मंगलवार को यह कार्रवाई उस समय हुई, जब सौरव दास, आशुतोष रांका और अंजिक्य शिंदे समेत सीजेपी के कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग वाले जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की.
(इनपुट- अरविंद ओझा और अमित भारद्वाज)