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CJP Protest LIVE: अभिजीत दिपके गिरफ्तार, कोर्ट में आज पेशी... नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने छोड़ा

अरविंद ओझा | नई दिल्ली | 17 अक्टूबर 2026, 9:02 AM IST

दिल्ली में शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई की गई है. उन्हें शनिवार को स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा. वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार को हिरासत से रिहा कर दिया गया.

अभिजीत दिपके की आज SEM कोर्ट में पेशी (Photo: PTI)

दिल्ली में शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने के बाद अब गिरफ्तार कर लिया है. अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई की गई है. उन्हें शनिवार को स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया जाएगा. कोर्ट में दिल्ली पुलिस यह मुद्दा उठाएगी कि अभिजीत दिपके ने पीस बॉन्ड की शर्तों को तोड़ा है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने से पहले दो नोटिस दिए गए थे. उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क जाने से मना किया गया था लेकिन वे नहीं माने. जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया. 

वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार को हिरासत से रिहा कर दिया गया है. उन्हें भी शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के मुताबिक, नेहा बोरा को आर.के. पुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया था. AISA ने दावा किया कि नेहा को कई घंटों तक अलग-अलग जगह ले जाया गया.
 

7:47 AM (एक घंटा पहले)

यह गलत है: CJP

Posted by :- Aanchal

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अभिजीत दिपके की रिहाई की मांग की है. CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अभिजीत दिपके को अब तक रिहा नहीं किया गया है. सीजेपी ने इसे गलत बताया है. 

 

6:59 AM (2 घंटे पहले)

हिरासत से रिहा होने पर क्या बोली नेहा बोरा

Posted by :- Aanchal

हिरासत से रिहा होने के बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि देश में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. उन्होंने सवाल किया, 'किस कानून या आदेश के तहत लोगों को पूरी रात हिरासत में रखना जायज है?'. उन्होंने कानून का हवाला देते हुए कहा कि सूरज ढलने के बाद महिलाओं को हिरासत से छोड़ दिया जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने काफी देर तक उन्हें किसी कानूनी सलाहकार से बात नहीं करने दी. उन्होंने कहा, 'हमारे वकीलों ने मुझसे संपर्क करने के लिए 5-6 घंटे तक कोशिश की. जब हम किसी तरह उन्हें फोन कर पाए, तब जाकर उन्हें मुझसे मिलने की इजाजत मिली.'