केंद्र ने नागालैंड, अरुणाचल के कुछ हिस्सों में 6 महीने के लिए बढ़ाया AFSPA

नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 के तहत "अशांत क्षेत्र" का दर्जा 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है. सरकार ने दोनों राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है.

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केंद्र ने नागालैंड, अरुणाचल के कुछ हिस्सों में 6 महीने के लिए बढ़ाया AFSPA केंद्र ने नागालैंड, अरुणाचल के कुछ हिस्सों में 6 महीने के लिए बढ़ाया AFSPA

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 के तहत "अशांत क्षेत्र" का दर्जा 6 महीने के लिए बढ़ा दिया. केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा दोनों राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है.

AFSPA सुरक्षा बलों को किसी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार करने, बिना वारंट के परिसर में प्रवेश करने या तलाशी लेने और अन्य कार्रवाई करने का अधिकार देता है. गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने AFSPA 1958 की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग, तिरप और लोंगडिंग जिलों और अरुणाचल के नामसाई जिले के नमसाई और महादेवपुर पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्रों को  30 सितंबर, 2022 को 'अशांत क्षेत्र' के रूप में घोषित किया था

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राज्यों के इन क्षेत्रों को AFSPA से हटाया जा चुका

मोदी सरकार द्वारा सुरक्षा स्थिति में सुधार के कारण AFSPA के तहत अशांत क्षेत्र अधिसूचना को त्रिपुरा से 2015 में और मेघालय से 2018 में पूरी तरह से हटा लिया था. पूरे असम में साल 1990 से अशांत क्षेत्र अधिसूचना लागू है.

2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सुरक्षा स्थिति में सुधार की वजह से अब 01 अप्रैल 2022 से असम के 23 जिलों को पूर्ण रूप से और 1 जिले को आंशिक रूप से AFSPA के प्रभाव से हटाया जा चुका है. मणिपुर में इंफाल नगर पालिका को छोड़कर अशांत क्षेत्र घोषणा साल 2004 से चल रही है. लेकिन सरकार ने 6 जिलों के 15 पुलिस स्टेशन क्षेत्र को01 अप्रैल 2022 से अशांत क्षेत्र अधिसूचना से बाहर कर दिया है.

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