पीएम मोदी का पोस्ट हटाने पर सरकार सख्त, मेटा के टॉप अधिकारियों को समन

केंद्र सरकार ने Meta के हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी जोएल कपलान और Instagram के एक टेक्निकल अधिकारी को बैठक के लिए बुलाया है. सरकार Meta के एल्गोरिदम, कुछ पोस्ट को ज्यादा पहुंच मिलने और पीएम मोदी का वीडियो हटाए जाने के मामले में जवाब चाहती है.

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केंद्र सरकार ने Meta के अधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया है. (File photo) केंद्र सरकार ने Meta के अधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया है. (File photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:57 PM IST

केंद्र सरकार ने Meta के हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी जोएल कपलान और Instagram के एक टेक्निकल अधिकारी को 5 अगस्त को बैठक के लिए बुलाया है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार Meta से यह समझना चाहती है कि उसका एल्गोरिदम कैसे काम करता है और उसके प्लेटफॉर्म पर कुछ कंटेंट को दूसरे कंटेंट के मुकाबले ज्यादा लोगों तक क्यों पहुंचाया जाता है. यह बैठक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की बड़े स्तर पर हो रही जांच का हिस्सा है.

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सरकार को कई शिकायतें मिली हैं कि Meta के प्लेटफॉर्म पर कुछ पोस्ट, जिनमें सरकार की आलोचना करने वाले पोस्ट भी शामिल हैं, उन्हें ज्यादा लोगों तक पहुंच मिलती है. बैठक में Meta के कंटेंट को लोगों तक पहुंचाने वाले सिस्टम, पोस्ट की पहुंच बढ़ाने के तरीके और गलती से कंटेंट हटाए जाने से बचाने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

सरकारी अधिकारी Meta से उस 'टेक्निकल ग्लिच' पर लिखित जवाब भी चाहते हैं, जिसका हवाला कंपनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट हटाए जाने के मामले में दिया था. सरकार इस मामले में Meta से लिखित माफी भी मांग सकती है.

5 और 6 अगस्त को होगी बैठक

आईटी सचिव एस कृष्णन ने पुष्टि की कि Meta के अधिकारी 5 और 6 अगस्त को सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. उन्होंने कहा कि बैठक में भारतीय कानूनों का पालन, AI से तैयार कंटेंट और प्रमुख हस्तियों के कंटेंट को हटाने से पहले जरूरी सुरक्षा उपायों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. बैठक में Instagram के पेड विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSEAM) से निपटने में कथित कमियों का मुद्दा भी उठाया जाएगा. सरकार इस मामले में पहले Meta को नोटिस जारी कर चुकी है.

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पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर विवाद

यह मामला तब चर्चा में आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 23 जुलाई को पोस्ट किया गया एक सेल्फी वीडियो Facebook से कुछ समय के लिए हटा दिया गया था. वीडियो में पीएम मोदी ने छात्र प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था. बाद में वीडियो दोबारा प्लेटफॉर्म पर दिखाई देने लगा. Meta ने इसके लिए माफी मांगते हुए कहा था कि तकनीकी समस्या के कारण कंटेंट गलती से हटा दिया गया था. हालांकि, सरकार इस जवाब की जांच कर रही है.

AI से बने वीडियो की भी जांच

Meta पर पीएम मोदी के कथित AI से बनाए गए और बदले हुए वीडियो को लेकर भी कानूनी जांच चल रही है. हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है. जांच में वीडियो कहां से आए, वे ऑनलाइन कैसे फैले और उन्हें रोकने के लिए Meta के सुरक्षा उपाय पर्याप्त थे या नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है.

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSEAM) के कथित विज्ञापनों के मामले में Meta Platforms, Inc. के खिलाफ जांच शुरू करने का फैसला किया है. NCPCR ने BBC Eye की एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए 3 जुलाई 2026 को Meta Platforms, Inc. को नोटिस जारी किया था. आयोग ने Meta से इस मामले में जवाब और स्पष्टीकरण मांगा था. नोटिस मिलने के करीब एक सप्ताह बाद Meta ने NCPCR को अपना जवाब सौंप दिया. कंपनी का जवाब मिलने के बाद अब आयोग ने मामले के तथ्यों का पता लगाने के लिए जांच शुरू करने का फैसला किया है.

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