वामपंथी नेता मीनाक्षी मुखर्जी को CBI का समन, कोलकाता कांड मामले में होगी पूछताछ

9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक डॉक्टर का बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई थी. मीनाक्षी उस दिन अस्पताल गईं और पीड़ित डॉक्टर के माता-पिता से मुलाकात की थी. मीनाक्षी की पार्टी ने कई बार यह दावा किया है कि पुलिस पीड़ित के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार नहीं कर पाई,

Advertisement
वामपंथी नेता मीनाक्षी मुखर्जी को सीबीआई ने भेजा समन वामपंथी नेता मीनाक्षी मुखर्जी को सीबीआई ने भेजा समन

ऋत्तिक मंडल

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

सीबीआई ने आरजी कर जूनियर डॉक्टर बलात्कार और हत्या मामले में वामपंथी नेता मीनाक्षी मुखर्जी को समन भेजा है. उन्हें गुरुवार सुबह 11 बजे जांच टीम के सामने पेश होने के लिए कहा गया है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि मीनाक्षी आज जांच टीम के सामने पेश होंगी. 

9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक डॉक्टर का बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई थी. मीनाक्षी उस दिन अस्पताल गईं और पीड़ित डॉक्टर के माता-पिता से मुलाकात की थी. मीनाक्षी की पार्टी ने कई बार यह दावा किया है कि पुलिस पीड़ित के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार नहीं कर पाई, क्योंकि वामपंथी युवा नेता ने इसका विरोध किया था. जानकारी मिली है कि सीबीआई इस मामले को लेकर मीनाक्षी से पूछताछ करेगी.

Advertisement

इससे पहले कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए लेडी डॉक्टर रेप-मर्डर केस में सीबीआई ने एक बड़ा खुलासा किया था. जांच एजेंसी का कहना है कि मुख्य आरोपी संजय रॉय की गिरफ्तारी के दो दिन बाद उसके कपड़े और सामान बरामद किए गए थे. कोलकाता पुलिस ने यह जानते हुए कि आरोपी से जुड़े सामान अपराध में उसकी भूमिक तय करने में अहम साबित हो सकते हैं, इसके बावजूद देरी की गई थी.

कोलकाता पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय रॉय को वारदात के एक दिन बाद 10 अगस्त को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया था. उसे वारदात के दिन तड़के 4.03 बजे अस्पताल के सेमिनार हॉल में प्रवेश करते हुए देखा गया था. एक सीबीआई अधिकारी ने कहा, "अपराध में आरोपी की भूमिका पहले ही सामने आ चुकी थी, लेकिन पुलिस ने उसके कपड़े और सामान जब्त करने में 2 दिन की अनावश्यक देरी की थी.'' कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद 14 अगस्त को सीबीआई ने इस केस की जांच अपने हाथ में ली थी. इससे पहले कोलकाता पुलिस इसकी जांच कर रही थी. इस मामले में सीबीआई ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अभिजीत मंडल को गिरफ्तार किया है. दोनों पर वारदात से जुड़े सबूत नष्ट करने और जांच की दिशा भटकाने का आरोप है. सीबीआई की पूछताछ में भी दोनों सहयोग नहीं कर रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »