BRICS Summit Live News Update: भारत की मेजबानी में 18वें ब्रिक्स समिट का पहला दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम में पूरा हो गया है. दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पहले दिन ब्रिक्स सदस्य देशों और पार्टनर देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया. आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में शामिल हुए.
भारत की ब्रिक्स चेयरशिप का इस साल का थीम "बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी" है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "ह्यूमैनिटी फर्स्ट" की भावना पर आधारित लोगों को केंद्र में रखने वाले नजरिए को दर्शाता है. पहले दिन ब्रिक्स देशों के बीच साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग मजबूत करने के तरीकों के साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई.
भारत की अध्यक्षता में इस साल 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं. इन बैठकों के जरिए ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है. अब ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन का कार्यक्रम रविवार को होगा, जिसमें सहयोग को आगे बढ़ाने और साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा जारी रहेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दुनिया के अन्य नेता भारत मंडपम में गाला डिनर के लिए पहुंचे.
भारत मंडपम में गाला डिनर का आयोजन किया गया है. गाला डिनर के फूड मेनू में मशरूम कबाब, पनीर लबाबदार, बीटरूट रायता और ओल्ड दिल्ली फ्रूट आइसक्रीम जैसे कई आइटम शामिल हैं. (Input: Pranay)
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्लोबल नेताओं और डेलीगेट्स के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे.
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित गाला डिनर में ब्रिक्स देशों के 160 कलाकार एक म्यूज़िकल सिम्फनी पेश करेंगे.
PM नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, 'एक मुश्किल अंतरराष्ट्रीय माहौल में, जिसमें आपस में जुड़े बदलाव और चुनौतियां हैं, चीन और भारत, दुनिया के दो सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य होने के नाते, बड़ी ज़िम्मेदारियां निभाते हैं.
शी जिनपिंग ने कहा, दोनों पक्षों को इंसानियत के भविष्य और अपने लोगों की भलाई को ध्यान में रखना चाहिए, और बड़े BRICS फ्रेमवर्क के अंदर उच्च-गुणवत्ता वाले सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. हमें एक बराबर और व्यवस्थित मल्टीपोलर दुनिया और आर्थिक वैश्वीकरण के एक सबको साथ लेकर चलने वाले, आपसी फ़ायदे की वकालत करनी चाहिए, जिससे दुनिया में शांति, स्थिरता, विकास और खुशहाली को बढ़ावा देने में और ज़्यादा सकारात्मक ऊर्जा आए.
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले भारत मंडपम जाने से पहले संसद परिसर पहुंचे. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समिट में 11 देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आए हैं. PM मोदी ने बताया कि यह ब्रिक्स समिट बहुत बड़ा है खासकर इसलिए क्योंकि 11 देश आए हैं और भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं और व्यापार में आगे बढ़ने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं.'
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की कि चीन अगले साल ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.
ब्रिक्स समिट से इतर नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया. पीएम मोदी ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान चीन की ओर से मिले समर्थन और सहयोग के लिए शी जिनपिंग का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर है. पीएम मोदी ने एक बार फिर शी जिनपिंग का भारत में स्वागत किया.
पीएम मोदी ने ब्रिक्स समिट के दौरान शी जिनपिंग की सकारात्मक बातों के लिए भी उनका धन्यवाद किया. दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत-चीन संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
ब्रिक्स समिट में आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षी वार्ता चल रही है. दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने और आपसी हित से जुड़े दूसरे मुद्दों पर बातचीत हो रही है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने ब्रिक्स समिट से इतर UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की और बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी. 18वां ब्रिक्स समिट भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है. इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों, पार्टनर देशों, आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.
ब्रिक्स देशों ने सभी पक्षों से गाजा में सीजफायर बनाए रखने और मानवीय मदद की पूरी और बिना किसी रुकावट के पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की है. ब्रिक्स ने अक्टूबर 2025 के सीजफायर समझौते के बावजूद जारी हिंसा पर गहरी चिंता जताई. साथ ही, गाजा से फिलिस्तीनियों को जबरन विस्थापित करने वाली नीतियों का विरोध किया.
ब्रिक्स ने इजरायल-फिलिस्तीन विवाद के शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के साथ फिलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों का समर्थन दोहराया. इसमें आत्मनिर्णय और वापसी का अधिकार भी शामिल है. समूह ने संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता और दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन की बात दोहराई. इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त 1967 की सीमाओं के भीतर एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना की बात कही गई है, जिसमें गाजा और वेस्ट बैंक शामिल हों और पूर्वी यरुशलम उसकी राजधानी हो.
पीएम मोदी और ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं ने नई दिल्ली में भारत मंडपम में फैमिली फोटो खिंचवाई.
पीएम मोदी और ब्रिक्स देशों के नेताओं ने नई दिल्ली के भारत मंडपम के बाहर लॉन में संयुक्त रूप से पौधारोपण किया.
BRICS की नई दिल्ली घोषणा में सदस्य देशों ने जंग और टकराव रोकने, अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति से करने और वैश्विक मुद्दों पर सभी देशों के नजरिए का सम्मान करने पर जोर दिया. घोषणा में एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों पर चिंता जताते हुए इन्हें WTO नियमों के खिलाफ बताया गया.
परमाणु खतरे और टकराव के बढ़ते जोखिम पर भी चिंता जाहिर की गई. BRICS देशों ने सीमा पार भुगतान को आसान बनाने के लिए बातचीत जारी रखने और व्यावहारिक समाधान तलाशने पर सहमति जताई. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ एकतरफा दबाव वाले कदमों की निंदा की गई. वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा की सुचारू आवाजाही बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प भी लिया गया.
पूरी खबर पढ़ें: BRICS का दिल्ली डिक्लेरेशन सर्वसम्मति से पास, PM मोदी बोले- संकल्पों को ठोस नतीजों में बदलना है
पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के सामने नई दिल्ली घोषणा 2026 को अपनाने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य ने कोई आपत्ति नहीं जताई है. इसके बाद नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया.
पीएम मोदी ने भारत मंडपम में ब्रिक्स सदस्य देशों के बंद कमरे में हुए सत्र के समापन संबोधन में समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर जोर दिया.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS देशों से वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि BRICS को दुनिया में शांति और स्थिरता कायम करने में आगे रहना चाहिए. शी जिनपिंग ने BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया. उन्होंने वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच ज्यादा सहयोग की जरूरत बताई. नई दिल्ली में हो रहे BRICS समिट में वैश्विक संघर्षों और बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर चर्चा हो रही है.
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन BRICS के सदस्य देशों के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट और गल्फ क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने में अपनी भूमिका निभाएगा. उन्होंने नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान यह बात कही. चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन BRICS देशों के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए काम करेगा. उनका यह बयान मिडिल ईस्ट में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच आया है. शी जिनपिंग ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट की जंग को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि इस जंग से क्षेत्र के लोगों को गंभीर नुकसान हुआ है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के मुताबिक नहीं है. नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान शी जिनपिंग ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि BRICS देशों को शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करना चाहिए.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट और गल्फ क्षेत्र में जंग को लेकर चेतावनी दी है. नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान उन्होंने क्षेत्र में जारी संघर्ष और अस्थिरता के बीच शांति और सुरक्षा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया. शी जिनपिंग का बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में जंग का असर क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. BRICS समिट में वैश्विक संघर्षों के असर और शांति को लेकर चर्चा हो रही है.
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS देशों से इतिहास के "सही पक्ष" में मजबूती से खड़े होने की अपील की है. उन्होंने नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान यह बयान दिया. शी जिनपिंग ने वैश्विक हालात के बीच BRICS देशों की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर BRICS के साझा रुख को मजबूत करने की जरूरत बताई.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ऐलान किया है कि चीन 2027 में BRICS की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें BRICS समिट की मेजबानी करेगा. शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में चल रहे BRICS समिट के दौरान यह घोषणा की. 2027 का BRICS समिट चीन की मेजबानी में होगा. नई दिल्ली में हो रहे मौजूदा समिट में BRICS के भविष्य के एजेंडे, वैश्विक गवर्नेंस और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर बड़ा बयान दिया है. नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि मिडिल ईस्ट की जंग से इस क्षेत्र के लोगों को गंभीर नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि यह जंग अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के मुताबिक नहीं है.
शी जिनपिंग का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब BRICS समिट में वैश्विक संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और विकासशील देशों की चिंताओं पर चर्चा हो रही है. उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी हालात को लेकर शांति और स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया.
पीएम मोदी ने कहा कि एआई, साइबर स्पेस, आउटर स्पेस, बायो टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज भविष्य के अवसरों के साथ वैश्विक नियम भी तय कर रहे हैं. ऐसे में ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के जरिए ग्लोबल साउथ के युवा डिप्लोमैट्स और पॉलिसी मेकर्स को नेगोशिएशन स्किल्स, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और लीगल एक्सपर्टाइज दी जा सकती है.
पीएम मोदी ने कहा कि आज यूनाइटेड नेशंस डे फॉर साउथ-साउथ कोऑपरेशन है और ग्लोबल साउथ को समर्पित इस दिन ऐसा फैसला विशेष महत्व रखता है. उन्होंने कहा कि भारत इस विषय में लीड लेने के लिए तैयार है. पीएम मोदी ने कहा, “यदि हमारा भविष्य साझा है, तो उसके निर्माण का अधिकार भी साझा होना चाहिए.” यही ब्रिक्स एट ट्वेंटी का संकल्प होना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस में वोटिंग पावर, नेतृत्व की भूमिका और पॉलिसी प्रायोरिटीज आज की आर्थिक हकीकत के हिसाब से होनी चाहिए. जो देश ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ को गति देते हैं, उन्हें वैश्विक आर्थिक गवर्नेंस को दिशा देने में भी उचित भूमिका मिलनी चाहिए. उन्होंने रिस्पॉन्सिवनेस पर कहा कि वैश्विक संस्थानों में लोगों का भरोसा तभी बनेगा, जब वे समस्याओं का प्रभावी समाधान कर पाएंगे. सामूहिक प्रतिक्रिया की स्पीड, स्केल और लास्ट माइल इम्पैक्ट पर ध्यान देना होगा. पीएम मोदी ने सी फेयरर्स के लिए इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बनाने का भी प्रस्ताव रखा, जिसमें मैरिटाइम अथॉरिटीज और मिशंस को जोड़कर डिस्ट्रेस अलर्ट, मेडिकल असिस्टेंस, परिवारों को सूचना और इवैक्युएशन में मदद दी जा सके.
पीएम मोदी ने कहा कि हर प्रयास के केंद्र में मानवता का विकास होना चाहिए. इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रस्ताव रखा कि ब्रिक्स देश मिलकर ग्लोबल गवर्नेंस रिफॉर्म के 10 प्रस्ताव तैयार करें और अगली समिट तक इन्हें ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप का रूप देने की कोशिश की जाए.
पीएम मोदी ने कहा कि इस रोडमैप में तीन पहलुओं रिप्रेजेंटेशन, रिस्पॉन्सिवनेस और रूल मेकिंग पर खास ध्यान देना होगा. पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार अब और नहीं टाला जा सकता. इस मुद्दे पर टेक्स्ट-बेस्ड नेगोशिएशंस को तय समय सीमा और स्पष्ट नतीजों से जोड़ना होगा.
पीएम मोदी ने कहा, "फ्रेंड्स, ब्रिक्स को मजबूत करते हुए हमें ग्लोबल रिफॉर्म की दिशा भी तय करनी होगी. ग्लोबल गवर्नेंस का मौजूदा ढांचा एक पिरामिड जैसा दिखाई देता है. इसके ऊपरी हिस्से में ताकत और फैसले लेने की शक्ति केंद्रित है, जबकि निचले हिस्से में वे देश हैं, जो इन फैसलों से प्रभावित होते हैं, लेकिन उन्हें आकार देने में उनकी भूमिका सीमित है."
उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रो में है, लेकिन फैसले लेने की प्रक्रिया में पीछे है. हमें इस पिरामिड को प्रिविलेज के प्लेटफॉर्म से पार्टनरशिप के प्लेटफॉर्म में बदलना होगा, जहां हर देश की आवाज हो और हर सदस्य की हिस्सेदारी हो.
पीएम मोदी ने ब्रिक्स नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें वैश्विक मंच पर अपने काम को ठोस नतीजों में बदलना होगा. अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और महत्वाकांक्षी एजेंडे पर काम करना होगा. इसकी शुरुआत हमें अपने काम करने के तरीके से करनी होगी. ब्रिक्स की अध्यक्षता हर साल बदलती है, लेकिन इसकी वजह से संस्थागत गति नहीं रुकनी चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि वह ब्रिक्स कम्युनिटी कंटीन्यूटी एंड इम्प्लीमेंटेशन मैकेनिज्म का प्रस्ताव रखते हैं. इसके तहत ट्रोयका के जरिए सभी पहलों और नतीजों का फॉलोअप किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी बनाई जा सकती है, जिसमें हर फैसले के साथ नोडल प्वाइंट, समय सीमा और उसे लागू करने की स्थिति दर्ज की जा सके.
भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के साथ BRICS समिट का आधिकारिक रूप से आगाज हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी अपना संबोधन दे रहे हैं.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत मंडपम पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भारत मंडपम पहुंचे हैं. थोड़ी देर में सभी नेता एक साथ बैठकर साझा मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
पीएम मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा का स्वागत किया. वह 18वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत और UAE के रिश्ते तेजी से बदले हैं. अब दोनों देश अपनी स्ट्रेटेजिक पार्टरशिप और आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. डिफेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स और एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि स्ट्रेटेजिक एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश और IMEC कनेक्टिविटी में भारत और UAE के लिए काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के बीच भारत और UAE की मजबूत साझेदारी स्थिरता, समृद्धि और शांति को बढ़ावा दे सकती है.
BRICS देशों के बीच गहन बातचीत के बाद संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति बन गई है. इसे बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है. संयुक्त बयान को लेकर कई अहम मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच मतभेद थे. भारत ने लगातार बातचीत और सलाह-मशविरे के जरिए अलग-अलग रुख को पाटने और आम सहमति बनाने की कोशिश की.
यह सहमति इसलिए भी अहम है क्योंकि एक ही मंच पर ईरान, सऊदी अरब और UAE शामिल हैं, जबकि कई क्षेत्रीय और भू-राजनीतिक मुद्दों पर इनके बीच गहरे मतभेद हैं. पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच इन देशों के बीच सहमति बनाना एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती थी. भारत की कूटनीतिक कोशिशों से ये मतभेद BRICS की प्रक्रिया पर हावी नहीं हुए और अलग-अलग भू-राजनीतिक रुख के बावजूद संयुक्त बयान पर सहमति बन सकी.
पीएम मोदी 18वें BRICS समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली के भारत मंडपम पहुंच गए हैं. यहां BRICS देशों के नेता और प्रतिनिधिमंडल जुटे हैं. शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच सहयोग मजबूत करने पर चर्चा होगी.
पीएम मोदी ने नई दिल्ली में BRICS समिट से इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की. पीएम मोदी ने BRICS में पार्टनर कंट्री के तौर पर वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों में हुई प्रगति की समीक्षा की और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए.
दोनों नेताओं ने भारत और वियतनाम की साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई. मई 2026 में वियतनाम के कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को Enhanced Comprehensive Strategic Partnership तक बढ़ाया गया था. भारत और वियतनाम के रिश्ते साझा सभ्यतागत विरासत, आपसी भरोसे और समझ पर आधारित हैं.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS Summit में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं. एयरपोर्ट पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि BRICS के जरिए सहयोग को आगे बढ़ाने और ज्यादा संतुलित, प्रतिनिधित्व वाली और बहुध्रुवीय दुनिया के लिए रचनात्मक बातचीत की उम्मीद है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की बेटी ज़हरा पेजेश्कियान और उनके पति हसन मजीदी ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ नई दिल्ली में BRICS बाजार का दौरा किया. उन्होंने BRICS के सदस्य और पार्टनर देशों के पवेलियन देखे, जिसमें भारतीय पवेलियन भी शामिल था. इस दौरान उन्होंने अलग-अलग देशों की कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखी.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका ने बिना किसी उकसावे के ईरान पर हमला किया, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसके पास ताकत है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को लगा था कि वेनेजुएला की तरह ईरान में भी अपनी सरकार स्थापित कर सकता है और नेताओं व सैन्य कमांडरों को शहीद करने के बाद ईरान कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बजाय ईरान की जनता पूरी ताकत के साथ सामने आई.
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान की सेना और सुरक्षा बलों ने भी पूरी मजबूती से मुकाबला किया. अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सरकार को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन वे अपने मकसद में सफल नहीं हो पाए. उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने जितनी भी तकनीक और सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया, उसके बावजूद ईरान डटा रहा और इस पूरी स्थिति ने ईरानी लोगों को पहले से ज्यादा एकजुट कर दिया.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर पहुंचे हैं.
इसके बाद उनका काफिला भारत मंडपम के लिए रवाना हो गया है. बीजेपी नेता जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आ गए हैं. उनका विमान पालम एयरपोर्ट पर उतरा.
चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं.
प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता आज शाम 5.45 बजे शेड्यूल है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंच गए हैं. उनका विमान एयर चाइना पालम एयरपोर्ट पर लैंड कर गया है.
राष्ट्रपति जिनपिंग दो दिवसीय ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए हैं.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का प्लेन भारतीय एयरस्पेस में प्रवेश कर गया है. वह थोड़ी देर में दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे. राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ उनके कई मंत्री भी उनके साथ भारत आ रहे हैं.
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इथियोपिया और मलेशिया के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों में दोनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को नई दिशा देने पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने भारत के साथ डिफेंस सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई. ज्वाइंट पर्सनल ट्रेनिंग और भारत से डिफेंस खरीद पर भी बात हुई. दोनों देशों ने भारतीय इंडस्ट्री और निवेश का स्वागत किया, जबकि इथियोपिया ने खास तौर पर भारतीय माइनिंग कंपनियों के लिए अवसरों की बात की. वहीं, मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर सेक्टर में संभावनाओं पर चर्चा हुई.
आज दोपहर 2 बजे से 18वें BRICS Summit का औपचारिक आगाज होगा. नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस दो दिवसीय समिट में BRICS नेता वैश्विक और साझा मुद्दों पर चर्चा करेंगे. समिट के पहले दिन कई अहम कार्यक्रम होंगे, जिनमें पहला सेशन, India Innovates प्रदर्शनी का दौरा, फैमिली फोटो, संयुक्त पौधारोपण और पीएम मोदी की मेजबानी में गाला डिनर शामिल है.
2:00 PM: BRICS Summit का औपचारिक उद्घाटन.
2:30 PM: समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर पहला सेशन.
4:30 PM: BRICS नेताओं का India Innovates प्रदर्शनी का दौरा.
5:00 PM: BRICS नेताओं की फैमिली फोटो.
5:30 PM: BRICS नेताओं का संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम.
7:30 PM: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में गाला डिनर.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बातचीत की.
BRICS समिट में यूएई की तरफ से क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत में हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit से इतर इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबिय अहमद अली से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने भारत और इथियोपिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की. उन्होंने आर्थिक सहयोग, रक्षा और सुरक्षा साझेदारी और क्षमता निर्माण समेत प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की. यह बैठक दिसंबर 2025 में पीएम मोदी की अदीस अबाबा की ऐतिहासिक यात्रा के बाद हुई है. दोनों नेताओं ने आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए और बहुपक्षीय मंचों पर करीबी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई.
पीएम मोदी ने 18वें BRICS Summit में इथियोपिया की भागीदारी की सराहना की और कहा कि उसकी मौजूदगी से ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज को मजबूत करने में मदद मिली है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच रिश्तों को मजबूत करने और अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.
18वें BRICS Leaders' Summit से पहले भारत मंडपम में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. वेन्यू पर पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों के साथ डॉग स्क्वॉड भी तैनात किए गए हैं.
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit 2026 से इतर इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद के साथ द्विपक्षीय बैठक की.
आज 12 सितंबर को सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक भारत मंडपम और प्रगति मैदान के आसपास 35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए हैं. कई अहम रास्तों पर सामान्य और कमर्शियल वाहनों की आवाजाही पर पाबंदियां रहेंगी. लोगों को सलाह दी गई है कि जरूरी न होने पर इन रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने दिल्ली में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी से मुलाकात की. यह बैठक 18वें BRICS Summit से इतर दक्षिण अफ्रीका के बिजनेस एंगेजमेंट का हिस्सा थी. इसका मकसद दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच कारोबारी और निवेश संबंधों को और मजबूत करना है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भारत दौरे पर हैं और जंग के बीच उनके इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजर है. 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नई दिल्ली पहुंचे पेजेशकियान का राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला आधिकारिक भारत दौरा है. इसी दौरान आजतक ने ईरानी राष्ट्रपति से खास और बेबाक बातचीत की है, जिसमें भारत के साथ रिश्तों, पश्चिम एशिया की जंग और अमेरिका-इजरायल से तनाव समेत कई अहम मुद्दों पर सीधे सवाल किए गए हैं.
पीएम मोदी के साथ मुलाकात में क्या बात हुई, चाबहार पोर्ट को लेकर ईरान का क्या रुख है, अमेरिका के दबाव और प्रतिबंधों के बीच ईरान की रणनीति क्या है और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर ईरानी राष्ट्रपति क्या सोचते हैं, इन तमाम सवालों के जवाब आजतक के इस खास इंटरव्यू में मिलेंगे. यह पूरी खास बातचीत आज रात 8 बजे सिर्फ आजतक पर देखिए.
पूरी खबर पढ़ें: पेजेश्कियान के जिस इंटरव्यू का दुनिया कर रही थी इंतजार, वो बस कुछ ही देर में... आजतक पर देखें
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बीजिंग से भारत के लिए रवाना हो गए हैं. करीब सात साल में यह उनकी पहली भारत यात्रा है. वह नई दिल्ली में 18वें BRICS Leaders' Summit में हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं, जिसका आयोजन भारत मंडपम में हो रहा है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम समेत कई बड़े नेता पहले ही नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. समिट में 12 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के प्रमुख और 17 अन्य हाईलेवल अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा भी प्रमुख प्रतिनिधियों में शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समिट की मेजबानी कर रहे हैं और इसके इतर कम से कम 15 द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. इनमें पीएम मोदी और शी जिनपिंग की आमने-सामने होने वाली बैठक सबसे अहम मानी जा रही है. बातचीत में भारत-चीन रिश्तों को स्थिर करने, LAC पर सीमा विवाद और दोनों देशों के बीच बड़े ट्रेड डेफिसिट जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
Global Times के एक संपादकीय में कहा गया है कि खुलेपन और समावेशिता, सभी के फायदे वाले सहयोग और निष्पक्षता व न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की वजह से BRICS आगे बढ़ता रह सकता है और अपनी ताकत बनाए रख सकता है.
संपादकीय में कहा गया कि दुनिया जितनी ज्यादा उथल-पुथल और बदलाव के दौर से गुजरती है, BRICS सहयोग की अहमियत उतनी ही ज्यादा सामने आती है. इसमें BRICS की क्षमता और BRICS देशों के भविष्य को लेकर भरोसा जताया गया है.
दिल्ली में BRICS समिट का पहला औपचारिक सेशन शुरू हो गया है. भारत मंडपम पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी कवर है. राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस, CAPFs और NSG कमांडो समेत करीब 25,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. भारत मंडपम और हैदराबाद हाउस के बीच के रूट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. वहीं, वर्ल्ड लीडर्स की आवाजाही के लिए चिन्हित 35 अहम सड़कों पर भी खास सुरक्षा निगरानी रखी गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हैदराबाद हाउस में इथियोपिया, मलेशिया और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. इसके अलावा अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ भी उनकी मुलाकात होगी. पीएम मोदी शाम 5:45 बजे भारत मंडपम में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगे.
BRICS Summit की शुरुआत आज दोपहर 2 बजे होगी. इसके बाद समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर पहला सेशन होगा. पीएम मोदी और BRICS नेता India Innovates प्रदर्शनी का दौरा करेंगे. इसके बाद नेताओं की फैमिली फोटो और संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम होगा. शाम 7:30 बजे पीएम मोदी की मेजबानी में गाला डिनर का आयोजन किया जाएगा.