'एक इंच जमीन भी नहीं गई...', राहुल गांधी के बयान के बाद BJP ने जारी किया पूर्व आर्मी चीफ नरवणे का पुराना वीडियो

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में डोकलाम मुद्दा उठने से भारी हंगामा हुआ. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब और एक लेख का हवाला दिया. इसके जवाब में बीजेपी ने पूर्व आर्मी चीफ का पुराना वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने एक इंच भी जमीन नहीं खोई है.

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LAC विवाद पर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के संदेश को बीजेपी ने एक्स पर किया शेयर (Photo: ITG) LAC विवाद पर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के संदेश को बीजेपी ने एक्स पर किया शेयर (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में सोमवार का दिन हंगामों से भरा रहा. ये हंगामा तब हुआ जब कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डोकलाम मुद्दे पर पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे की अप्रकाशित किताब और मैग्जीन के एक आर्टिकल का हवाला देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर हमला बोला.

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राहुल के सदन में डोकलाम मुद्दे को उठाने से जमकर हंगामा मच गया. अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक्स पर पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे के एक वीडियो क्लिप शेयर किया है. ये वीडियो उस समय की है जब डोकलाम विवाद हुआ था. इस वीडियो में वह बता रहे हैं कि भारत की जमीन सुरक्षित है और कोई भी इलाका नहीं गया. 

पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे ने क्या कहा था?

भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) को लेकर पहले साफ-साफ समझाया था कि भारत ने किसी भी तरह का क्षेत्रीय नुकसान नहीं उठाया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “एक इंच भी जमीन नहीं खोई गई है.”

नरवणे ने बताया था कि हालात ठीक वैसे ही हैं जैसे इस पूरी स्थिति के शुरू होने से पहले थे. उन्होंने यह भी बताया कि जो समझौता हुआ है, वह आपसी और समान सुरक्षा के सिद्धांत पर आधारित है. उनके मुताबिक, डिसएंगेजमेंट की प्रक्रिया को इसी व्यापक नजरिए से देखा जाना चाहिए ताकि दोनों देशों के हित में स्थिरता बनी रहे.

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यह भी पढ़ें: डोकलाम: टकराव के वो 73 दिन... जब चीन के सामने सीना ठोककर खड़ी थी इंडियन आर्मी, राहुल बोले- जो हुआ सेना को सब मालूम

पूर्व सेना प्रमुख ने कहा था कि यह कदम दोनों देशों के लिए लाभकारी है क्योंकि इससे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर शांति और स्थिरता बनी रहेगी और भविष्य में झड़पों की संभावना कम होगी. उन्होंने जोर देकर बताया था कि सीमा पर शांति बनाए रखना भारत और चीन दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है.

नरवणे ने साफ किया था कि यह मुद्दा चरणबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है, जहां पहला कदम डिसएंगेजमेंट था और इसके बाद वार्ताएं जारी रहेंगी. इन वार्ताओं से दोनों पक्षों के बीच मतभेद धीरे-धीरे कम होंगे और एक ऐसा समाधान निकलेगा जो दोनों देशों के लिए स्वीकार्य होगा. उनका मानना था कि कोई भी समाधान तभी सफल होगा जब वह दोनों देशों की सुरक्षा चिंताओं को समान रूप से ध्यान में रखे.

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