मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होगी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 13 विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी. याचिका में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, फॉर्म 6 में बदलाव और SIR से जुड़े फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं.
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. उनकी याचिका पर भी सुनवाई होने की संभावना है.
वहीं, दिल्ली में जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं. इन याचिकाओं पर भी गुरुवार को सुनवाई हो सकती है. इसके साथ पुलिस एक्शन और मेट्रो पर लगाई गई पाबंदियों के मामले पर भी आज कोर्ट सुनवाई करेगा.
इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है. पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेगी. वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा लहराने का ऐलान किया है.
महाराष्ट्र SIR में लाखों वोटरों के नाम काटने का मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया गया. सीजेआई ने कहा कि मूल याचिकाओं के साथ उनकी सुनवाई भी होगी. (Input: Sanjay Sharma)
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' को संसद मार्च की अनुमति देने से इनकार करना और प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लेना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था. ये सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए जरूरी कदम थे.
पुलिस बल किसी ऐसे संगठन को कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दे सकता जिसका कथित तौर पर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान भीड़ की हिंसा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लोगों के घायल होने की घटनाओं से संबंध था. (Input: Sanjay Sharma)
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने सुप्रीम कोर्ट में ECI के खिलाफ राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की ओर से दायर याचिकाओं पर कहा, 'हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से हमारे पक्ष में फैसला आएगा. मुझे मुख्य न्यायाधीश को उन भयानक घटनाओं के बारे में बताना पड़ा, जिनका मुझे सामना करना पड़ा था. दिल्ली पुलिस ने मुझे गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया, घसीटते हुए गाड़ी में डाला और CRPF ने भी मुझे परेशान किया. मैंने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इन सभी घटनाओं के बारे में बताया.'
जॉन ब्रिटास ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट का आभारी हूं कि उन्होंने उस पत्र को एक अंतरिम याचिका में बदल दिया और इसे INDIA गठबंधन की पहले से मौजूद याचिका के साथ जोड़ दिया है. हमें उम्मीद है कि हम कानूनी और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ सकेंगे.
उन्होंने कहा कि हमें आशा है कि सुप्रीम कोर्ट SIR से जुड़े तमाम मुद्दों पर गौर करेगा. इसमें चुनाव आयोग के काम करने के तरीके के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के मनमाने फैसलों, और राजधानी में हो रहे दमन और अत्याचार जैसे मामले भी शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट इन मुद्दों से अनजान नहीं है. हमें उम्मीद है कि माननीय मुख्य न्यायाधीश और उनकी पीठ याचिका में उठाए गए इन सभी मामलों पर फैसला सुनाएगी.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि SIR के नाम पर 13 करोड़ से ज्यादा वोट काट लिए गए हैं. इसमें करोड़ों लोग वो शामिल हैं जो पूरी तरह से वैध मतदाता हैं. अब अगर सुप्रीम कोर्ट इनके पक्ष में निर्णय दे भी देगा तो क्या बंगाल, बिहार जहां चुनाव हो चुका है, वो लौटकर आएगा.
प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमारी पूरी आस्था और पूरा विश्वास भारत के संविधान और भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर है. हमें पूरा विश्वास है कि हमारे तर्कों को सुनने के बाद, संविधान के हर पहलू पर गौर करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का ऐसा फैसला आएगा जो लोकतंत्र को बचाएगा, वोट के अधिकार की हिफाजत करेगा. हम इस भरोसे के साथ सर्वोच्च न्यायालय गए हैं.
मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 13 विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी.