अन्नामलाई ने NEET री-टेस्ट के इंतजामों पर उठाए सवाल, BJP ने किया पलटवार

NEET री-टेस्ट की सख्त सुरक्षा व्यवस्था पर अन्नामलाई की आलोचना के बाद तमिलनाडु बीजेपी ने जवाब देते हुए इसे मेरिट और निष्पक्षता की सुरक्षा बताया है.

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तमिलनाडु में अन्नामलाई बनाम बीजेपी (File Photo: ITG) तमिलनाडु में अन्नामलाई बनाम बीजेपी (File Photo: ITG)

प्रमोद माधव

  • चेन्नई,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST

तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने NEET को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. उन्होंने बीजेपी छोड़ने के बाद NEET परीक्षा प्रक्रिया की आलोचना की है. अब तमिलनाडु बीजेपी ने उनके बयान का जवाब दिया है.

बीजेपी नेता विनोज पी सेल्वन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, CCTV मॉनिटरिंग, सिक्योरिटी चेक और सुपरविजन किसी भी गंभीर और बड़े पैमाने पर होने वाली परीक्षा के आम नियम हैं. चीन की 'गाओकाओ' (Gaokao) परीक्षा में हर साल 1.3 करोड़ से ज्यादा छात्र दुनिया के सबसे कड़े परीक्षा नियमों के तहत शामिल होते हैं. कोई इसे सैन्यीकरण नहीं कहता, बल्कि इसे मेरिट की सुरक्षा माना जाता है."

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उन्होंने आगे कहा कि जब भारत दुनिया की महाशक्तियों से मुकाबला कर रहा है और एक महान राष्ट्र बनना चाहता है, तो हमें विश्वसनीयता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की जरूरत है. छात्रों को सिस्टम पर भरोसा होना चाहिए, न कि हर बार जब नियम लागू किए जाएं तो उन्हें राजनीतिक डर दिखाया जाए."

अन्नामलाई ने क्या कहा था?

बीजेपी छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "आईएएफ एयरलिफ्ट के साथ दो-स्तरीय CRPF+CISF सुरक्षा घेरा. AI सर्विलांस के साथ 4-लेयर CCTV सिस्टम. अंदर जाने से पहले बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन. कई स्तरों पर तलाशी. प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधी निगरानी के साथ कई स्तरों पर देख-रेख. हां, आपने सही पढ़ा, लेकिन ये इंतज़ाम किसी हाई-लेवल, गोपनीय, मिलिट्री-ग्रेड सॉफ़्टवेयर को खरीदने के लिए नहीं हैं. ये इंतज़ाम शिक्षा मंत्रालय ने 21 जून 2026 को होने वाले NEET री-टेस्ट के लिए किए हैं."

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उन्होंने तंज करते हुए आगे लिखा कि हर छात्र पेपर लीक रोकने के लिए सरकार की अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और बेहतर निगरानी की कोशिशों की तारीफ करेगा, लेकिन अंदर जाने से पहले कड़ी जांच-पड़ताल, लंबी तलाशी और परीक्षा का कुल वक्त 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करने से छात्रों पर पहले से ही बढ़ रहे परीक्षा के दबाव में और बढ़ोतरी ही होगी.

अन्नामलाई ने कहा, "सरकार ने लीक रोकने के लिए उपाय किए हैं, लेकिन वे उस अतिरिक्त बोझ को भूल गए हैं, जो उन्होंने युवा छात्रों पर परीक्षा से ठीक पहले डाला है- एक ऐसी परीक्षा जिसके लिए उन्होंने महीनों तैयारी की है. इससे हमारी परीक्षा प्रणाली का मूल मकसद और NEP 2020 का परीक्षा का तनाव कम करने का लक्ष्य ही खत्म हो जाता है."

उन्होंने आगे कहा कि परीक्षा के लिए इन सभी इंतजामों के बावजूद, एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में दिक्कतें आ रही हैं और NTA ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि वे जल्द से जल्द इन दिक्कतों को दूर कर लेंगे.

अन्नामलाई ने कहा, "ऐसी चुनौतियां हैं, जिनके लिए सार्थक समाधान की जरूरत है. हालांकि, मुझे चिंता है कि NEET री-टेस्ट के लिए जो तरीका अपनाया गया है, उससे शायद समस्या हल न हो, बल्कि इससे नई तरह की समस्याएं पैदा होने का खतरा है.

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