बातचीत रही बेनतीजा तो क्या है किसानों की आगे की स्ट्रैटिजी? सुनें 'आज का दिन'

पिछली बार जो बातचीत हुई तो दो मसलों पर सहमति बन गई लेकिन समाधान पूरा नहीं निकला. आज फिर बैठक होनी है. उम्मीद की जा रही है कि शायद बचे हुए मुद्दों पर कोई राह आज निकाल ली जाए. तो उम्मीदें कितनी हैं और किसानों की आगे स्ट्रैटिजी क्या है?

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किसानों के समर्थन में भठिंडा में प्रदर्शन करती महिलाएं किसानों के समर्थन में भठिंडा में प्रदर्शन करती महिलाएं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 9:12 AM IST

कड़ाके की ठंड के बीच कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान धरने पर हैं. क़रीब डेढ़ महीना बीच चुका है मगर मामला अब तक सुलझा नहीं. पिछली बार जो बातचीत हुई तो दो मसलों पर सहमति बन गई लेकिन समाधान पूरा नहीं निकला. आज फिर बैठक होनी है. उम्मीद की जा रही है कि शायद बचे हुए मुद्दों पर कोई राह आज निकाल ली जाए. तो उम्मीदें कितनी हैं और किसानों की आगे स्ट्रैटिजी क्या है? ये जानने के लिए हमने बात की आजतक रेडियो रिपोर्टर कुमार कुणाल से. 

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साल 2020 का एक आँकड़ा राष्ट्रीय महिला आयोग ने जारी किया है. ये परेशान करनेवाला है. महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध की घटनाएँ पिछले छह सालों में सबसे ज़्यादा दर्ज की गई हैं. 23,722 कुल केस है जिनमें 5 हज़ार से ज़्यादा डोमेस्टिक वॉयलेंस की घटनाएँ हैं. सबसे ज़्यादा बुरा हाल यूपी, दिल्ली और हरियाणा का है. इस बढ़ोतरी के पीछे क्या वजहें जानने के लिए हमने बात की डॉ नीलिमा चौहान से.. जो राइटर तो हैं ही.. साथ ही एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं ज़ाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज में. उन्होंने महिला मुद्दों से जुड़ी कई किताबें भी लिखी हैं.

कोरोना के दौर में भी हमने कई वायरस और कई फ्लूज के नाम सुन लिए. अब एक और बीमारी ने देश के कई प्रदेशों में दस्तक दी है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में इसी बीमारी के चलते हज़ारों की तादाद में पंछी मारे गए. अब तक वायरस को लेकर तो कंफर्मेशन नहीं है मगर जिस तेज़ी से ये फैला है वो डरावना है. अंदेशा है कि बर्ड फ़्लू है.. हमने इसके बारे में समझने के लिए बात की राजस्थान में आजतक रेडियो रिपोर्टर शरत कुमार से. 

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लंबी जद्दोजहद के बाद फाइनली लोगों को कोरोना की वैक्सीन मुहैया कराई जानेवाली है. भारत में भी कल डीजीसीआई यानी ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है मगर कुछ सवाल हैं. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी देना खतरनाक हो सकता है.  कौन सी चिंताएँ सता रही हैं लोगों को और सवाल क्या हैं जो कई जानकार उठा रहे हैं… ये जानने के लिए हमने बात की आजतक रेडियो रिपोर्टर ऋचीक मिश्रा से.


और ये भी सुनिए कि 4 जनवरी की तारीख महत्वपूर्ण क्यों है, इतिहास इस पर क्या कहता है. साथ साथ अख़बारों का हाल भी लेंगे. इतना सब कुछ महज़ आधे घंटे में सुनिए मॉर्निग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.


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