नगालैंड में AFSPA वापस लेने के लिए बनाया पैनल, विवेक जोशी अध्यक्ष नियुक्त

नागालैंड सरकार का कहना है कि नगालैंड में विवादास्पद सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम यानी अफस्पा (AFSPA) को वापस लेने पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने का फैसला किया गया है. यह पांच सदस्यीय समिति होगी.

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23 दिसंबर को हुई थी गृहमंत्री के साथ बैठक 23 दिसंबर को हुई थी गृहमंत्री के साथ बैठक

श्रेया चटर्जी

  • नई दिल्ली,
  • 26 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:25 PM IST
  • अफस्पा (AFSPA) को वापस लेने पर विचार
  • 5 सदस्यीय समिति करेगी विचार
  • अमित शाह के साथ बैठक के बाद लिया गया फैसला

नगालैंड में विवादास्पद सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम यानी अफस्पा (AFSPA) को वापस लेने पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने का फैसला किया गया है. यह पांच सदस्यीय समिति होगी. इसकी अध्यक्षता गृह मंत्रालय के सचिव स्तर के अफसर विवेक जोशी करेंगे. 

रविवार को एक बयान जारी करते हुए नगालैंड सरकार ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के साथ 23 दिसंबर को एक बैठक की गई थी, जिसके बाद अफस्पा(AFSPA) को वापस लेने पर विचार करने वाली एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है. बैठक में अमित शाह के अलावा, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, नगालैंड के डिप्टी सीएम वाई पैटन और एनपीएफएलपी नेता टीआर जेलियांग शामिल थे. 

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रविवार को नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने ट्विटर पर यह जानकारी देते हुए कहा, गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 23 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में एक बैठक हुई. मामले को गंभीरता से लेने के लिए अमित शाह जी का आभारी हूं. राज्य सरकार सभी वर्गों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील करती है.  

 

बता दें कि दिसंबर के शुरुआत में ही नगालैंड के मोन जिले में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी. गलत पहचान के एक कथित मामले में, काम से लौट रहे 14 नागरिकों पर हमला किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद से ही, नगालैंड में AFSPA को निरस्त करने की मांग उठ रही थी. AFSPA को निरस्त करने के लिए गठित समिति, 45 दिनों के अंदर एक रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर ही नगालैंड से अशांत क्षेत्र और AFSPA को वापस लेने की पहल की जाएगी.

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इसके साथ ही, बैठक में यह भी विचार किया गया कि ओटिंग की इस घटना में शामिल सेना इकाई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए इन्क्वायरी की जाएगी. सेना के जिन जवानों पर जांच बैठेगी, वे तब तक के लिए निलंबित रहेंगे. सरकार ने ओटिंग कांड में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी भी देने का फैसला किया है.

 

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