महाराष्ट्र में गैर-मराठी रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए दी गई 100 दिन की समय-सीमा खत्म हो गई. महाराष्ट्र में परिवहन विभाग के मुताबिक, जो ड्राइवर मराठी नहीं बोल पाएंगे, उनका लाइसेंस और परमिट रद्द किया जाएगा. हालांकि, रिक्शा और टैक्सी यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर एक भी लाइसेंस रद्द किया गया, तो वो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.