आधे उद्धव के साथ, आधे वर्चुअल, कुछ पर सस्पेंस... क्या टूट की ओर बढ़ रही शिवसेना?

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के सामने सियासी चुनौती खड़ी हो गई है. टीएमसी के बाद उद्धव के सांसदों पर भी टूट का खतरा मंडराने लगा है. शिंदे गुट के नेता खुलकर कह रहे हैं कि मॉनसून सत्र के दौरान उद्धव के कई सांसद उनके साथ आ जाएंगे. ऐसे में उद्धव के साथ कौन खड़ा है.

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उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े शिवसेना (यूबीटी) सांसद (Photo-ITG) उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े शिवसेना (यूबीटी) सांसद (Photo-ITG)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:55 PM IST

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर उद्धव ठाकरे की पार्टी पर संकट गहरा गया है. उद्धव ठाकरे के सबसे मजबूत सिपहसलार रहे एकनाथ शिंदे ने सत्ता और सेना दोनों ही उनसे छीन ली थी. ऐसे में उद्धव ठाकरे ने किसी तरह तिनके-तिनके जोड़कर खुद को मजबूत करने में जुटे थे, लेकिन फिर से उनकी पार्टी में टूट का खतरा मंडराने लगा है.

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'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा के बीच उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने आवास 'मातोश्री' में शिवसेना (यूबीटी) सांसदों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में चार ही सांसद पहुंचे थे और पांच सांसद गैर हाजिर रहे हैं. इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया सियासी तूफान खड़ा हो गया और दलबदल के कयास लगाए जाने लगे.

महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे फिर से उसी मुकाम पर खड़े नजर आ रहे हैं, जहां एकनाथ शिंदे के दांव से 2022 में थे. फिर से उद्धव ठाकरे के सामने अपनी पार्टी को बचाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि उनके 9 सांसद तीन ध्रुव में बंटे हुए नजर आ रहे हैं.

उद्धव ठाकर के साथ कौन-कौन सांसद

टीएमसी में टूट के बीच शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के बागी होने का खतरा गहरा गया था. इसे देखते हुए उद्धव ठाकरे ने अपने सभी लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई थी. उद्धव ठाकरे की बुलाई गई अहम बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के चार लोकसभा सांसद ही पहुंचे थे. मातोश्री में हुई मीटिंग में यूबीटी के सिर्फ चार सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल शिरकत किए थे. 

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माना जा रहा है कि उद्धव के साथ शिवसेना (यूबीटी) के ये चार लोकसभा सांसद ही मजबूती से साथ खड़े है जबकि पांच सांसद अलग राह पर है. हालांकि, पार्टी ने दावा किया है कि मीटिंग में न आने वाले सांसद वर्चुअल जुड़े थे, लेकिन बाद में खबर आई कि ऐसा नहीं हुआ था. उद्धव से सिर्फ एक ही सांसद की बात हुई . 

पांच लोकसभा सांसद वर्चुअल जुड़े

मातोश्री में हुई मीटिंग के बाद संजय राउत ने दावा किया कि बाकी बचे पांच सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे,ओमप्रकाश राजे निंबालक, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ऑनलाइन जुड़े थे. पांचवें सांसद संजय जाधव ने फोन से बातचीत कर अपनी हाजिरी लगाई. हालांकि,संजय राउत के दावे के उलट यूबीटी गुट के पांच सांसद मीटिंग से गायब ही रहे. इस बीच यह खबर भी आई कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दिल्ली यात्रा के दौरान उद्धव गुट के सांसदों के साथ मीटिंग की. 

उद्धव ठाकरे जिस समय मातोश्री में बैठक कर रहे थे, उसी दौरान शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय देशमुख ने दिल्ली में एकनाथ शिंदे खेमे के मंत्री प्रताप राव जाधव से मुलाकात कर रहे है. प्रताप जाधव ने आजतक से बात में कहा है कि शिवसेना (यूबीटी) के सभी सांसद हमारे दोस्त हैं, हमने साथ में काम किया है. इनमें कुछ सांसद अपनी पार्टी नेतृत्व से खुश नहीं है.

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उद्धव के कई सांसदों पर सस्पेंस 

केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव से लेकर एमएलसी कृपाल तुमाने ने दावा कर रहे हैं कि उद्धव ठाकरे की पार्टी टूट सकती है. कृपाल तुमाने ने कहा कि एकनाथ शिंदे का ऑपरेशन टाइगर सफल होने वाला है, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सात लोकसभा सांसद शिंदे सेना में आने के लिए तैयार हैं. एक महीने की बातचीत के बाद वे संसद के मॉनसून सत्र से पहले शिवसेना में शामिल हो जाएंगे. साथ ही उन्होंने 16 विधायकों के भी शिंदे गुट के संपर्क होने का दावा किया.

उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने कहा कि पार्टी के सभी 9 सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी जल्द ही ऑपरेशन वुल्फ शुरू करेगी और उनके निशाने पर शिंदे सेना के विधायक-सांसद होंगे. हालांकि, उद्धव ठाकरे के कई सांसदों पर सियासी सस्पेंस बना हुआ है. 

उद्धव के 6 लोकसभा सांसद क्या टूटेंगे? 

लोकसभा में शिवसेना (UBT) के 9 सांसद हैं.दलबदल के नियमों के मुताबिक, अयोग्यता से बचने के लिए दो तिहाई सदस्य यानी कम से कम 6 लोकसभा सांसदों को एकसाथ उद्धव गुट से अलग होना होगा. शिवसेना एमएलसी कृपाल तुमाने का दावा है कि मॉनसून सत्र से पहले उद्धव गुट के 7 लोकसभा सांसद शिंदे कैंप जॉइन करेंगे. इन सांसदों से बातचीत आखिरी दौर में पहुंच गई है. अब ज्वॉइनिंग की तारीख पर फैसला होगा. 

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उद्धव ठाकरे डैमेज कन्ट्रोल में जुट गए हैं. उद्धव खुद और आदित्य ठाकरे इन 'नाराज' या 'सस्पेंस' वाले सांसदों से सीधे बातचीत कर रहे हैं ताकि उनकी नाराजगी को दूर किया जा सके. कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए उद्धव ठाकरे एक बार फिर संवाद शुरू किए हैं. हालांकि, उद्धव ठाकरे के द्वारा बुलाई गई बैठक में जो हुआ, उसने इस सस्पेंस को और गहरा कर दिया. 

उद्धव ठाकरे के पास कुल 9 लोकसभा सांसद हैं, लेकिन मातोश्री में केवल 4 लोकसभा सांसद ही हाजिर हुए. इसके अलावा बाकी 5 लोकसभा सांसदों ने वर्चुअल (ऑनलाइन) तरीके से बैठक में शिरकत किया.अब इन 5 सांसदों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है. ऐसे में सियासी सस्पेंस गहरा गया है.

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