पत्नी पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, फिर रेता था गला, कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, 1 लाख जुर्माना भी लगाया

सांगली की वीटा सेशंस कोर्ट ने पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगाने और फिर चाकू से गला रेतकर हत्या करने के दोषी रामचंद्र उर्फ संतोष आनंद कदम को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने उस पर ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया.

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कोर्ट ने पत्नी की दर्दनाक हत्या करने वाले पति को मौत की सजा सुनाई (सांकेतिक तस्वीर) कोर्ट ने पत्नी की दर्दनाक हत्या करने वाले पति को मौत की सजा सुनाई (सांकेतिक तस्वीर)

प्रबोधिनी चिखलीकर

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:02 PM IST

सांगली जिले की वीटा कोर्ट में सोमवार( 27 जुलाई) एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया. वीटा सेशंस कोर्ट के जज आर. आर. भागवत ने भूड (तालुका खानापुर) के रहने वाले रामचंद्र उर्फ संतोष आनंद कदम (41) को अपनी पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगाने और गंभीर रूप से घायल होने के बाद चाकू से गला रेतकर हत्या करने के मामले में फांसी की सजा सुनाई.

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पांच साल बाद आए इस ऐतिहासिक फैसले की चर्चा पूरे जिले में हो रही है. जज आर. आर. भागवत ने आरोपी रामचंद्र उर्फ संतोष आनंद कदम को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा के साथ ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया.जानकारी के अनुसार, 7 जून 2021 को सुबह करीब 3:00 बजे आरोपी ने घरेलू झगड़े के कारण गुस्से में आकर घर में सो रही अपनी पत्नी दीपाली कदम (34) पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. इसके बाद उसने चाकू से उनके गले पर गंभीर वार किया.

गंभीर रूप से घायल दीपाली कदम का सांगली के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन 11 जून 2021 को उनकी मौत हो गई. उनके भाई राहुल अंकुश सुले (सुलेवाड़ी निवासी) ने इस घटना को लेकर वीटा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. स्पेशल असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एडवोकेट आरती सतविलकर ने अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को प्रभावी ढंग से कोर्ट के सामने रखा.

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मौत की सजा के साथ एक लाख का जुर्माना

इस बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पेश किए गए सबूतों, गवाहों के बयानों और परिस्थितियों से जुड़े साक्ष्यों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने आरोपी रामचंद्र उर्फ संतोष आनंद कदम को दोषी ठहराया और उसे मौत की सजा के साथ ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया. समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली इस बेहद क्रूर घटना के बाद अपराध पर करारी चोट करने वाला यह अहम फैसला सुनाने के लिए जज आर. आर. भागवत की हर तरफ तारीफ हो रही है. इस मामले की जांच पुलिस इंस्पेक्टर जे. ए. जाधव और पुलिस सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र कवठेकर ने की, जबकि सुप्रिया जाधव ने कोर्ट लाइजन ऑफिसर और भाग्यश्री नांगरे ने कोर्ट स्टाफ सदस्य के तौर पर काम किया.

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