सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स की होड़ में कानून की सीमाएं लांघना तीन युवकों को महंगा पड़ गया. महाराष्ट्र के नागपुर में इंस्टाग्राम पर पुलिस व्यवस्था को चुनौती देने वाली रील पोस्ट करने के आरोप में तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) व आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की. पुलिस की कार्रवाई के बाद तीनों युवकों के तेवर भी बदल गए और वे सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर माफी मांगते दिखाई पड़े.
'पुलिस चौकी के हिसाब से शहर बांट रहे हो सुल्तान...'
पुलिस के मुताबिक, आरोपी शाहिद अब्जल शकील खान (26), मोहम्मद साहिल मोहम्मद शकील शेख (24) और रिजवान मोहम्मद अजीज (28) ने इंस्टाग्राम पर एक रील अपलोड की थी. इस रील में वे फिल्मी डायलॉग कह रहे थे- 'पुलिस चौकी के हिसाब से शहर बांट रहे हो सुल्तान... चौकी चाहे पुलिस का हो, शहर के कमिश्नर तो हम ही लोग हैं.' देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि वीडियो में इस्तेमाल किए गए डायलॉग पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले हैं. पुलिस का मानना है कि इस तरह की सामग्री समाज में कानून-व्यवस्था के प्रति गलत संदेश दे सकती है और कुछ लोगों को व्यवस्था को चुनौती देने के लिए प्रेरित भी कर सकती है. इसी आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई.
वीडियो के चलते युवकों के खिलाफ FIR
तहसील पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक रोहन राणे की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 352, 356, 196, 353 और 3(5) के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, यह मामला 11 सितंबर 2025 से 16 जुलाई 2026 के बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से जुड़ा है, जबकि एफआईआर गुरुवार शाम दर्ज की गई.
कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने कान पकड़कर माफी मांगी. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि माफी मांगने से दर्ज मुकदमा स्वतः समाप्त नहीं होता. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
योगेश पांडे